रिपोर्ट अनमोल कुमार
लागू करने की कुछ राज्यों की घोषणा ‘अनैतिक’, वे 2034 तक श्रीलंका हो जाएंगे
आज का बोझ भविष्य की पीढ़ी पर डालना ‘बहुत बड़ा अपराध’ होगा
कहा-राज्य आगे बढ़ेंगे, तभी देश आगे बढ़ेगा
नई दिल्ली : भाजपा के राज्यसभा सदस्य और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की कुछ राज्यों की घोषणा को ‘अनैतिक’ करार दिया और कहा कि आज तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन वर्ष 2034 में उनकी हालत श्रीलंका जैसी हो जाएगी। राज्यसभा में अनुदान की अनुपूरक मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्य ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली की घोषणा करने वाले राज्यों से कहा कि उनके द्वारा आज का बोझ भविष्य की पीढ़ी पर डालना ‘बहुत बड़ा अपराध’ होगा।
बता दें कि कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कर दी गई है जबकि हिमाचल प्रदेश में इसे लागू करने का वादा किया है। पंजाब में भी यह व्यवस्था बहाल है। भाजपा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि जब राज्य आगे बढ़ेंगे तभी देश आगे बढ़ेगा, लेकिन पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना में जाना शर्मनाक, गैर-सैद्धांतिक और अनैतिक होगा। क्योंकि इससे भविष्य की सरकारों के लिए महत्वपूर्ण देनदारियां पैदा होंगी, उनके आर्थिक प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
आने वाली पीढ़ी के लिए बोझ छोड़ना उचित नहीं
सुशील मोदी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बोझ छोड़कर जाएं, यह कदापि उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज आपको कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन 2034 में जो सरकार आएगी, उसकी अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी। भारत के बहुत सारे ऐसे राज्य होंगे, जिनकी हालत श्रीलंका जैसी हो जाएगी। इसलिए मैं आग्रह करूंगा कि पुरानी पेंशन योजना के भूत को मत जगाइए। यह बहुत बड़ा खतरा है। इससे हम पूरे देश को संकट में डाल देंगे।
बिहार का 60 व पंजाब का 34% पेंशन पर व्यय
सुशील मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में पुरानी पेंशन योजना के स्थान पर नई पेंशन योजना इस देश में प्रारंभ हुई थी। उस समय सारे राज्यों को एक मंच पर लाने का काम किया गया था। इस समय 5 लाख 76 हजार करोड़ रुपये का, प्रत्येक वर्ष केवल पेंशन के रूप में राज्यों और केंद्र को भुगतान करना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश अपने कुल राजस्व का 80 प्रतिशत केवल पेंशन पर व्यय करता है। बिहार का 60 प्रतिशत और पंजाब का 34 प्रतिशत पेंशन पर व्यय होता है। अगर आय और ब्याज को जोड़ दिया जाए तो इन राज्यों के पास कुछ भी नहीं बचेगा। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे आज का बोझ भविष्य की पीढ़ी पर ना डालें. ऐसा करना बहुत बड़ा अपराध होगा।




