आलोक झा ( अमेरिका से )
🫢 US रेग्युलेटर ने हीमोफीलिया की दुनिया की सबसे महंगी दवा को मंजूरी दे दी है। जानकारी के मुताबिक इस दवा की एक डोज लेने के बाद इस अनुवांशिक बीमारी की नियमित चिकित्सा नहीं करनी पड़ती है। इसकी एक डोज की कीमत 35 लाख डॉलर यानी करीब 28 करोड़ 63 लाख रुपए है। CSL Behring ने हीमोफीलिया B जीन थेरेपी नाम की दवा बनाई है। CSL बेहरिंगBehring की हेमजेनिक्स के सेवन से 54 फीसदी तक ब्लीडिंग कम हो जाती है। बता दें कि हीमोफीलिया के चलते लोगों को ब्लड जमता नहीं है। ऐसे में ब्लीडिंग के चलते जान भी जा सकती है। यह बीमारी खतरनाक इसलिए मानी जाती है, क्योंकि इस तरह की ब्लीडिंग कभी भी शुरू हो सकती है। इस दवा के जरिए फैक्टर ढूंढ लिया जाता है जो कि मरीजों को बुरी स्थिति में पहुंचने से बचाता है। बायोटेक्नॉलजी इन्वेस्ट्र और लोनकैर इन्वेस्टमेंट के चीफ ब्रैड लोनकैर ने कहा कि इस दवा की कीमत ज्यादा है, लेकिन पहले से मौजूद दवाएं भी काफी महंगी हैं ▪️




