धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट :-
छठ को लेकर बाजारों में आयी रौनकता। ग्राहकों की उमडी भीड। आवश्यक सामग्रियों से है बाजार।कोरोना के प्रकोप से बन्द होने के दो साल के बाद इस साल सामूहिक रुप से छठ का महापर्व मनाया जा रहा है।
बिहार का सबसे बड़ा पर्व है,पूजा भगवान सूर्य और छठी माता की विधि विधान के साथ पूजा उपासना की जाती है जिसमें महिलाएं और पुरुष 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखते हैं। कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते सूर्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस भगवान भास्कर की महापर्व छठ के चार दिनों के लोक आस्था के माहपर्व में समाज के सभी वर्गों का मिलाजुला हिस्सा छठ में देखने को मिलता है। छठ का पर्व शुरु होने के पूर्व मोतिहारी नगर के बाजारों में इस साल रौनकता देखी जा रही है। भीड भाड के बीच लोग अपने पूजा के लिए जरुरत की सामग्री खरीदने में जुटे है। पूरा बाजार भरा पडा है। फल से लेकर कपडे की दुकानों पर ग्राहकों की भीड लगी है। दो सालों के बाद इस साल हो रहे महापर्व को लेकर आम लोगों सहित दुकानदारों में उत्हास बना हुआ है।
बाइट :इन्दु देवी,महिला ग्राहक
बाइट :किशोरी बैठा,ग्राहक
बाइट :_नीरज कुमार,दुकानदार




