निकाय चुनाव से पहले बिहार में रिकॉर्ड 36 हजार कर्मियों के तबादले

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रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-

विरोध में हड़ताल पर जा सकते हैं सफाई कर्मचारी

पटना : बिहार में नगर निकाय चुनाव से पहले एक साथ 36000 कर्मियों का तबादला कर दिया गया है। ऐसा पहली बार सूबे में देखने को मिला है। तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही वार्ड में जमे कर्मियों का तबादला किया गया है। सूबे में दो चरणों में निकाय चुनाव की घोषणा हो चुकी है। 10 अक्टूबर को पहले चरण में और 20 अक्टूबर को दूसरे चरण में मतदान होगा। बता दें कि पटना समेत पूरे प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के दौरान कभी भी सफाई कर्मियों और दैनिक के कर्मियों के तबादले नहीं किये गये थे। वर्ष 1952 से लेकर अब तक करीब 70 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सफाई कर्मियों को भी चुनाव के दौरान तबादला कर दिया गया है। वहीं, राज्य सरकार के इस बड़े फैसले से सफाई कर्मी एक बार फिर हड़ताल की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। बिहार स्थानीय निकाय कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने संयुक्त बैठक कर तबादले के आदेश का विरोध किया है। तबादले के आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि नगर निकाय चुनाव सभी वार्डों के स्तर पर कराया जाना है। ऐसे में चुनाव की निष्पक्षता बनी रहे, इसलिए यह जरूरी है कि नियमित और दैनिक दोनों तरह के ऐसे कर्मी जो तीन साल या उससे अधिक से एक ही वार्ड में तैनात हो उनका तबादला दूसरे वार्ड में करने का फैसला लिया गया है। विभाग के परियोजना पदाधिकारी उपनिदेशक बुध प्रकाश ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किया था।

गौरतलब है कि पटना समेत नगर निकायों में सफाई कर्मी पिछले दिनों एक 11 दिनों तक हड़ताल पर रहे, लेकिन अब एक बार फिर से इस तबादले के बाद हड़ताल की आशंका जतायी जाने लगी है।

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