बिहार : सरकारी कर्मी अब देर से दफ्तर आए तो खैर नहीं!

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रिपोर्ट-अनमोल कुमार!

सरकार का फरमान, समय पर नहीं पहुंचे तो तत्काल होगी कार्रवाई

पटना : बिहार में सरकारी ऑफिस में लेट आने वाले कर्मियों की अब खैर नहीं। अर्थात, लेट लतीफी अब नहीं चलेगी। समय पर नहीं पहुंचे तो तत्काल कार्रवाई होगी। राज्य सरकार ने प्रखंड, जिला, प्रमंडल और मुख्यालय स्तर के सभी कार्यालयों में तैनात कर्मियों को समय पर आने को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किया है। जो कर्मी लेट से आएंगे, सजा के तौर पर उनकी आधे दिन की छुट्टी काटी जाएगी। सरकार के इस फैसले से आमजनों को काफी राहत मिलेगी। क्योंकि सरकारी दफ्तरों में लेट आना सामान्य बात है और एक घंटे तक की देरी को कर्मी अपना हक मानते हैं। आम जनों ने इसे लगभग स्वीकार कर लिया है कि सरकारी दफ्तरों में 11 बजे से पहले जाने पर समय बर्बाद होता है। इसे देखते हुए सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. बी राजेन्दर ने इस आदेश का पालन पूरी सख्ती से करने का निर्देश सभी डीएम, प्रमंडलीय आयुक्त से लेकर डीजीपी और सभी विभागों के प्रमुखों को दिया है। सभी कर्मियों को अनिवार्य रूप से बॉयोमेट्रिक से हाजिरी बनानी होगी। कोई कर्मी एक घंटा लेट दफ्तर आएंगे, तो उनकी आधे दिन की छुट्टी उनके आकस्मिक छुट्टी (सीएल) की संख्या से कट जाएगी। इसके बावजूद भी कोई कर्मचारी बार-बार देर से कार्यालय आता हैं तो संबंधित सक्षम प्राधिकार उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करेंगे। किसी विशेष परिस्थिति में सक्षम प्राधिकार से पूर्व अनुमति लेकर कोई भी कर्मचारी या पदाधिकारी महीने में अधिकतम दो दिन देर से कार्यालय आ सकते हैं।

जरूरत के मुताबिक ही खर्च का बजट बनाए विभाग
वित्त विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष 2023-24 का नया बजट तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। इसे लेकर सभी विभागों को इस बार निर्देश दिया गया है कि जितनी जरूरत हो, सिर्फ उतने ही खर्च का बजट तैयार करें। सभी विभागों को 28 अक्टूबर तक बजट प्राक्कलन वित्त विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसमें गैर-जरूरी खर्चों को बजट में समाहित नहीं करने की हिदायत दी गयी है।

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