अश्वनी सिंह की रिपोर्ट :-
स्वच्छता रैली को हरी झंडी दिखाकर जिलाधिकारी ने किया रवाना।
बेतिया। जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा आज लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान द्वितीय चरण अंतर्गत “हमारा स्वच्छ-सुंदर गांव“ अभियान का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। अभियान शुभारंभ के उपरांत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अभिसरण बैठक सम्पन्न हुयी। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, श्री अनिल राय, एसडीएम, बेतिया सदर, श्री विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा सुरक्षित स्वच्छता एवं आसपास की साफ-सफाई का जन स्वास्थ्य, उत्पादकता, सुरक्षा और मान-सम्मान पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है एवं ये जन-जीवन की गुणवता की अभिवृद्धि हेतु अत्यधिक महत्वपूर्ण है। स्वच्छता की समुचित सुविधा एवं अपशिष्ट प्रबंधन के अभाव से जन स्वास्थ्य, पर्यावरण, आर्थिक स्थिति पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित स्वच्छता केवल शौचालय की सुलभता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरणीय स्वच्छता भी सम्मिलित है, जिसका ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रमुख अवयय एवं एकीकृत समाधान है।
उन्होंने कहा कि सात निश्चय-2 अंतर्गत स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव के संकल्पित लक्ष्य को ससमय पूर्ण करे हेतु ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन (चयनित ग्राम पंचायतों में घर-घर से अपशिष्ट का उठाव, डब्लूपीयू का निर्माण एवं संचालन, अपशिष्ट के परिवहन हेतु ट्राईसाईकिल, बैटरी रिक्शा की खरीद, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जन जागरूकता, प्रोटोकॉल अनुसार ग्राम पंचायतों को क्रमशः एस्प्रींग राइजिंग एवं मॉडल बनाया जाना आदि) की गति पर बल प्रदान करने, सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन तथा गांव की सौंदर्यात्मक स्थिति के स्थायित्व हेतु हमारा स्वच्छ-सुंदर गांव अभियान संचालित किया जा रहा है। हमारा स्वच्छ-सुंदर गांव अभियान 10 सितंबर से प्रारंभ होकर 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान के तहत गांवों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है।
अभिसरण बैठक में उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार द्वारा हमारा स्वच्छ-सुंदर गांव/स्वच्छता ही सेवा अभियान अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। उन्होंने बताया कि उक्त अभियान का उदेश्य/लक्षित कार्य जिले के गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में गंदगी के ढ़ेर, कूड़ा, मलवा, कीचड़ तथा जलजमाव वाले स्थानों पर मास क्लीनलीनेस अभियान का संचालन किया जाना है। एसएलडब्लूएम हेतु चयनित ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रह, परिवहन, निस्तारण एवं डब्लूपीयू (वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट) निर्माण में तेजी लाना है।
उन्होंने बताया कि एसएलडब्लूएम कार्य हेतु क्रय यथा-अपशिष्ट के परिवहन हेतु ट्राइसाइकिल, बैटरी चलित ई-रिक्शा आदि पूर्ण करना है। प्रोटोकॉल के अनुसार अधिकाधिक ग्राम पंचायतों को क्रमशः एसपीरिंग, राइजिंग एवं मॉडल ग्राम पंचायत बनाना है। ओडीएफ स्थायित्व हेतु स्वच्छता आच्छादन में आई कमी को दूर करना है। किसी कारणवश छूटे हुये या नये परिवारों को शौचालय की सुलभता हेतु यूनिसर्वल कवरेज प्लान बनाना एवं एलएसबीए वेबसाइट पर इंट्री पूर्ण कर एलएसबीए-2 चरण हेतु आइएचएचएल बेसलाइन तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि लोगों को मोटिवेट करने के लिए वॉल राइटिंग, पेंटिंग, स्लोगन राइटिंग, सघन सामुदायिक उत्प्रेरण, ओडीएफ प्लस को लेकर घर-घर संपर्क, रात्रि चौपाल, एसएलटीएस, व्यवहार परिवर्तन आधारित जन जागरूकता अभियान का संचालन किया जाना है।
कार्यक्रम की समाप्ति के उपरांत जिलाधिकारी द्वारा स्वच्छता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।




