रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
सीएम ने एनडीए से जदयू का अलग होने का कारण भी बताया
दिल्ली में विपक्षी नेताओं से बात के बाद आगे की रणनीति पर विचार
कांग्रेस-वामदलों के बिना भाजपा से मजबूत जंग नहीं हो सकती : त्यागी
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि अब जीवन में कभी भी भाजपा से जदयू का समझौता नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एनडीए से अलग होने के कारणों को भी विस्तार से पार्टी नेताओं और अधिकारियों को बताया। एक प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने यह जानकारी दी।
केसी त्यागी ने कहा कि जदयू मानता है कि बिना कांग्रेस और वामदलों के साथ गठबंधन के भाजपा के खिलाफ मजबूत लड़ाई नहीं हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर गैर भाजपा और गैर कांग्रेस गठबंधन चाहते हैं।
सदस्यता अभियान में सबसे पहले नीतीश बने सदस्य
वहीं जदयू के सदस्यता अभियान की शुरुआत आज से हो गई। सबसे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी के सदस्य बने। उन्हें जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सदस्य बनाया। वहीं, सीएम नीतीश कुमार ने ललन सिंह को सदस्य बनाया। सदस्यता अभियान 8 नवंबर तक चलेगा। इसके बाद पंचायत से राष्ट्रीय स्तर तक की इकाई गठित की जाएगी। राज्यसभा सदस्य अनिल हेगड़े राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी बनाये गये।
इसी के साथ आज जदयू की तीन दिवसीय बैठक खत्म हो गई। बैठक में मुख्य रूप से 2024 के लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। आज हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कई अहम मुद्दों पर मंथन हुआ।
सभी विपक्षी दल एक हुए तो भाजपा का सफाया तय : नीतीश
बैठक में शामिल होने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वो सीटों की बात नहीं करते हैं लेकिन जब सभी विपक्षी दल एक होंगे तो भाजपा का सफाया तय है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वे दिल्ली जाएंगे और वहां विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर उन्हें एकजुट करेंगे। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के 7 दलों में 4 दलों के नेता दिल्ली में ही है। दिल्ली जाने के बाद उनसे मिलेंगे और सभी लोगों से बातचीत करने के बाद आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। दिल्ली में वे महामहिम राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगे।




