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अंकित तिवारी से सीधा मोहम्मद इरफ़ान, लव जिहाद एक गंभीर समस्या,thelankadahan

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लव जिहाद दूसरी भाषा में धोखा, प्यार के नाम पर दुनिया में किया जाना वाला सबसे बड़ा अपराध है, लोग अपनी मोहब्बत में अपनी ज़िंदगी ढूढ़ते है, लेकिन सोचिये अगर आपको पता चले की आप  जिससे प्यार करते है दरसल वो अपने धर्म को आपपे थोपने आया है,वो आपकी भावनाओ और सोच को बस इस्लाम में बदलने आया हो, ज़रा ठहरिये ये बाते आपको तब पता चलने वाली है जब आप इस जाल में पूरी तरह से फस जायेंगे , जब आपके पास ज़िनदगी में वापस लौटने का कोई रास्ता नहीं बचा होगा, ज़रा सोचिये जिस लड़के को आप अर्जुन के नाम से जानते है अगर उसका नाम मोहम्मद इमरान हुआ तो, शायद बुद्धिजीवी लोग इसपे बड़ा बहस करे और डिफेंड करे लेकिन लंका दहन हर उस इंसान की लंका के बारे में लिखेगा जिसे हनुमान द्वारा जलाये जाने की ज़रूरत है

आखिर होता क्या है ये लव जिहाद

लव जिहाद दो शब्दों से मिलकर बना है. अंग्रेजी भाषा का शब्द लव यानी प्यार, मोहब्बत, इश्क और अरबी भाषा का शब्द जिहाद. जिसका मतलब होता है किसी मकसद को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देना. यानी जब एक धर्म विशेष को मानने वाले दूसरे धर्म की लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उस लड़की का धर्म परिवर्तन करवा देते हैं तो इस पूरी प्रक्रिया को लव जिहाद कहा जाता है.

अब अगर आप लव जेहाद का मतलब समझ गए हैं तो आपको ये भी बता दें कि अबतक लव जेहाद शब्द को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं थी. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है कि लव जिहाद होता है और मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाकर लव जेहाद करते हैं. इसकी शुरुआत तब हुई जब केरल हाईकोर्ट ने 25 मई को हिंदू महिला अखिला अशोकन की शादी को रद्द कर दिया था. अखिला अशोकन ने दिसंबर 2016 में मुस्लिम शख्स शफीन से निकाह किया था.

आरोप है कि निकाह से पहले अखिला ने धर्म परिवर्तन करके अपना नाम हादिया रख लिया. जिसके खिलाफ अखिला उर्फ हादिया के माता-पिता केरल हाईकोर्ट पहुंचे. जिन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में फिदायीन बनाने के लिए लव जेहाद का सहारा लिया गया. जिसके बाद केरल हाईकोर्ट ने अखिला उर्फ हादिया और शफीन के निकाह को रद्द कर दिया. लेकिन अखिला उर्फ हादिया के पति शफीन ने केरल हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. इसी मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की एनआईए जांच के आदेश दिए.

आतंकवादी घटनाओं की जांच करने वाली एजेंसी को अखिला उर्फ हादिया और शफीन के प्रेम विवाह में लव जेहाद और टेरर कनेक्शन का जिम्मा सौंपते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणी की, वो भी गौर करने लायक है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘जिस तरह इंटरनेट गेम ब्लू व्हेल में किसी लड़के या लड़की को टास्क दिए जाते हैं और जिसमें उसे आखिर में सुसाइड करना होता है, उसी तरह आजकल किसी को भी खास मकसद के लिए राजी करना आसान हो गया है’. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एनआईए की जांच रिपोर्ट और केरल पुलिस से मिली जानकारी पर गौर करने और पीड़ित महिला से बात करने के बाद ही कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. लेकिन लव जेहाद के इस मामले में ट्विस्ट तब आया, जब कथित लव जेहाद की शिकार लड़की सामने आई.

केरल की हदिया और लव जिहाद का केस
भारत में लव जिहाद के मामले में सबसे ज्यादा चर्चित मामला हदिया केस है. इसके केस से लव जिहाद के दुष्प्रचार की कलई खुल गई थी. हदिया का हिंदू नाम अखिला अशोकन था और वो होमियोपैथी की डॉक्टर है. होमियोपैथी की पढ़ाई के दौरान ही वो अपनी दो दोस्तों जसीना और फसीना के जरिए वो इस्लाम धर्म के संपर्क में आई थी. इस्लाम से जुड़ी कई धार्मिक किताबें पढ़ने के बाद उसने साल 2015 में खुद को आसिया कहना शुरू कर दिया.

जब उसने अपने घर पर ये बात बताई तो मां-बाप काफी नाराज हुए, लेकिन आसिया नहीं मानी और उसने आधिकारिक तौर पर अपना नाम हदिया रख लिया. बाद में उसने शफीन जहां नाम के एक युवक से शादी कर ली. हदिया के पिता अशोकन को ये बात नागवार गुजरी और उन्होंने कोर्ट में केस दायर कर दिया. उनका आरोप था कि हदिया को सांगठनिक प्रयास के जरिए फंसाया गया है. हदिया अपने पिता की बातों का लगातार विरोध करती रही. इसके बावजूद भी केरल हाईकोर्ट ने उसकी कस्टडी पिता के हाथों में दे दी.

इसके बाद हदिया का पति शफीन मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट में हदिया की गवाही हुई. और फिर हदिया और शफीन को साथ रहने की इजाजत मिली. हालांकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अंतरधार्मिक विवाह के मामलों में एक सिमिलर पैटर्न होने की बात कही थी, इस वजह से उसे लव जिहाद के मामलों तफसील से जांच की जिम्मेदारी भी सौंप गई. एनआईए को अंतर धार्मिक विवाह का उद्देश्य और साजिश जैसे बिंदुओं पर जांच करने और रिपोर्ट फाइल करने का आदे​श दिया गया. यह आदेश तत्कालीन सीजेआई जेएस खेहर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने दिया था. बाद में इस जांच को भी बंद कर दिया गया.

ईसाई और हिंदू संगठन अक्सर उठाते हैं मुद्दा
केरल से शुरू हुआ लव जिहाद के आरोपों का मामला धीरे-धीरे पाकिस्तान और इंग्लैंड तक भी फैल गया है. पाकिस्तान में कई सिख संगठनों ने लड़कियों के जबरिया धर्म परिवर्तन के मामले उठाए हैं. इंग्लैंड में भी ऐसे आरोप लगे हैं. लेकिन कहीं भी पुलिस इसे साबित नहीं कर पाती है. लव जिहाद के हर मामले की सिर्फ एक कहानी है कि धार्मिक संगठन आरोप लगाते हैं और पुलिस कोर्ट में साफ कर देती है कि ऐसा कोई प्रयास नहीं

ईसाई और हिंदू संगठन अक्सर उठाते हैं मुद्दा
केरल से शुरू हुआ लव जिहाद के आरोपों का मामला धीरे-धीरे पाकिस्तान और इंग्लैंड तक भी फैल गया है. पाकिस्तान में कई सिख संगठनों ने लड़कियों के जबरिया धर्म परिवर्तन के मामले उठाए हैं. इंग्लैंड में भी ऐसे आरोप लगे हैं. लेकिन कहीं भी पुलिस इसे साबित नहीं कर पाती है. लव जिहाद के हर मामले की सिर्फ एक कहानी है कि धार्मिक संगठन आरोप लगाते हैं और पुलिस कोर्ट में साफ कर देती है कि ऐसा कोई प्रयास नहीं किया

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