शिक्षण कार्य के बदले विश्वविद्यालय बना प्रदर्शनकारीयों का अड्डा!

SHARE:

धीरज शर्मा की रिपोर्ट:-

विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां बद से बद्तर, विश्वविद्यालय बना प्रदर्शनकारियों का अड्डा!

भागलपुर। लगातार तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों के साथ साथ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ और छात्र राष्ट्रीय जनता दल द्वारा प्रदर्शन जारी है। एक तरफ जहां बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी संघ ने बीते दिनों अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर 18 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखा है वही दूसरी ओर युवा राजद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आज दोनों संघ एवम पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर अपना समर्थन देते हुए प्रदर्शन किया। जिस विश्वविद्यालय के कुलपति रामधारी सिंह दिनकर हुआ करते थे, आज वह विश्वविद्यालय स्थाई कुलपति की बाट जोह रहा है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां बद से बदतर होती चली जा रही है। छात्रों के साथ-साथ कर्मचारियों और शिक्षकों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय एक प्रदर्शनकारियों का अड्डा बन गया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति जल्द से जल्द बहाल हो और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्थिति को सुदृढ़ किया जाए ,साथ ही साथ आक्रोशित प्रदर्शनकारियों की मांगे हैं, समय पर परीक्षा हो जिससे सभी सत्र अपडेट हो जाए और जितने भी छात्रों के डिग्री सर्टिफिकेट फाइल में धूल फांक रहे हैं उन्हें कुलपति के हस्ताक्षर के साथ छात्रों को दे दिया जाए।

कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के चलते 18 जुलाई से होने वाले पार्ट 2 की परीक्षा भी रद्द कर दी गई । सभी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा जब कर्मचारी ही हमारे साथ नहीं रहेंगे तो परीक्षा हम कैसे ले सकेंगे। इस कारण से परीक्षा रद्द कर दी गई और इसका ठीकरा प्रदर्शनकारियों पर फोड़ दिया गया।

वही प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल तालाबंदी के साथ जारी रहेगा।

Join us on:

Leave a Comment