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मंत्री परिषद की बैठक में क्या क्या निर्णय लिया गया,बता रहा है शंखनाद!

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ब्यूरो रिपोर्ट शंखनाद!

पटना-12 जनवरी, 2021:- आज सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव, श्री संजय कुमार ने बताया कि मंत्रिपरिषद् की बैठक में कुल 14 एजेंडों पर निर्णय लिया गया, जिसमें एक विधायी मामला है अन्य 13 एजेंडे निम्न प्रकार हंैः-

गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल तथा उम्र-सीमा के निर्धारण हेतु बिहार पुलिस हस्तक, 1978 खंड-प्प्प् के परिशिष्ट-72 के क्रमांक-4(पप) के उप-कंडिका (ग) के परन्तुक के बाद उप-कंडिका (घ) एवं (ङ) अंतरस्थापित करने हेतु संशोधन की स्वीकृति दी गई।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्तर्गत मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों यथा जिला, अनुमंडल एवं अंचल कार्यालयों के लिए विभिन्न प्रकार के कुल-3883 स्थायी पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। प्राप्तसूचनानुसार विभागीय स्तर पर सिस्टम एनालिस्ट एवं प्रोग्रामर के पद रहेंगे, जिला एवं अनुमंडल स्तर पर लेवल-6 के 139 डाटा इंट्री आॅपरेटर होंगे तथा प्रत्येक अंचलवार लेवल-4 के 7-7 डाटा इंट्री आॅपरेटर (कुल 3738) नियुक्त होंगे।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना (गैर गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्र) के कार्यान्वयन हेतु मुख्य शीर्ष 4215 के तहत तीन उप-शीर्षों के तहत कुल 30000.00 लाख रूपये (तीन सौ करोड़ रूपये) मात्र की राशि की बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम की स्वीकृति दी गई।

वाणिज्य-कर विभाग के अन्तर्गत वाणिज्य-कर न्यायाधिकरण में सदस्य (लेखा) के पद पर श्री अरूण कुमार वर्मा, सेवानिवृत्त राज्य-कर विशेष आयुक्त सम्प्रति कर विशेषज्ञ, वाणिज्य-कर विभाग, बिहार, पटना की नियुक्ति की स्वीकृति दी गई।

स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत डा० राय ज्ञानेश्वर नाथ सहाय, चिकित्सा पदाधिकारी, प्रा०स्वा०केन्द्र, कोढ़ा, कटिहार को जनवरी 2006 से लगातार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में सेवा से बर्खास्त करने तथा इसी विभाग के तहत डा० मनोज कुमार राठौर, चिकित्सा पदाधिकारी, अति० प्रा० स्वा० केन्द्र, गंगीहाट, बहादुरगंज, किशनगंज को दिनांक 03.11.2003 से लगातार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।

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विधि विभाग के अन्तर्गत राज्य के विभिन्न न्यायमंडलों में गठित 39 फास्ट ट्रैक कोर्टस के लिए पुनर्नियोजित 39 पीठासीन पदाधिकारियों तथा उनके सहायतार्थ तृतीय एवं चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के मानदेय के भुगतान हेतु कुल रू०-4,50,00,000/-(चार करोड़ पचास लाख) रूपये बिहार राज्य आकस्मिक निधि से अग्रिम तथा व्यय की स्वीकृति दी गई।

ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन हेतु ग्रामीण विकास विभाग के मांग संख्या-42 के अंतर्गत राज्यांश मद में 41816.66 लाख रूपये मात्र की राशि की बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम की स्वीकृति तथा इसी विभाग के तहत जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत नव-सृजित/ विकसित सार्वजनिक जलाशयों के रख-रखाव एवं प्रबंधन बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) सम्पोषित सामुदायिक संगठनों द्वारा किये जाने संबंधी नीति की स्वीकृति दी गई।

परिवहन विभाग के अन्तर्गत शहरी क्षेत्र में परिवेशीय वायु गुणवत्ता में सुधार एवं प्रदूषण रहित परिवहन व्यवस्था के लिए इस विभाग की अधिसूचना सं०-8182 दिनांक-07.11.2019 के तहत पटना नगर निगम क्षेत्र में 31.01.2021 तथा दानापुर नगर परिषद्, खगौल नगर परिषद् एवं फुलवारीशरीफ नगर परिषद् क्षेत्र में 31.03.2021 की मध्य रात्रि से डीजल चालित तिपहिया वाहनों के परिचालन पर लागए गए पूर्ण प्रतिबंध को कोविड-19 के क्रम में लागू लाॅकडाउन एवं बिहार विधान सभा चुनाव के कारण जनहित में दोनों मामलों में दिनांक-30.09.2021 की मध्य रात्रि से प्रतिबंध लगाये जाने एवं अधिसूचना सं०-8183 दिनांक-07.11.2019 द्वारा अधिसूचित बिहार स्वच्छ ईंधन योजना, 2019 का पूर्व के शत्र्तों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2021-22 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

सामान्य प्रशासन विभाग के तहत ‘‘बिहार जूडिशियल आफिसर्स कंडक्ट रूल्स, 2017’’ को निरसित किये जाने तथा बिहार जुडिशियल आॅफिसर्स कंडक्ट रूल्स, 2021’’ के गठन की स्वीकृति दी गई।

जल संसाधन विभाग के अन्तर्गत कार्यान्वित की जा रही गंगा जल उद्वह योजना फेज-प् हेतु बिहार आकस्मिकता निधि (बी॰सी॰एफ॰) से रु0 456.00 करोड़ (चार अरब, छप्पन करोड़) मात्र की राशि के अग्रिम की स्वीकृति दी गई।

स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत राज्य के सभी जिला अस्पतालों तथा अनुमंडलीय अस्पतालों के अन्तःवासी रोगियों के उपचार अवधि के दौरान शुद्ध एवं पोषक भोजन की व्यवस्था हेतु बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति (जीविका) द्वारा संपोषित सामुदायिक संगठन, यथा-‘दीदी की रसोई’ की स्वीकृति दी गई।

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