प्रशान्त कुमार की रिपोर्ट
बेगूसराय में विश्व पर्यावरण दिवस पर एनटीपीसी ने वृक्षारोपण से पर्यावरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त बनाने का लिया संकल्प
बेगुसराय बिहार
बेगूसराय में भारत की सबसे बड़ी, एकीकृत विद्युत कंपनी एनटीपीसी ने 5 जून को अपनी सभी साईट्स पर विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया। इस साल विश्व पर्यावरण दिवस की विषय केवल एक पृथ्वी है।एनटीपीसी बरौनी में समारोह की शुरुआत की गई नटीपीसी के नगर परिसर में स्थित गंगा अतिथि भवन में शपथ ग्रहण ली गई । पर्यावरण शपथ में के एस सुंदरम, मुख्य महाप्रबंधक, एनटीपीसी बरौनी द्वारा अंग्रेजी में, और अनिल श्रीवास्तव, महाप्रबंधक ओ एंड एम (संचालन और रखरखाव),द्वारा हिंदी में दिलायी गयी , जिसके बाद मुख्य महाप्रबंधक ने सभी प्रतिभागियों के बीच निदेशक संचालन, एनटीपीसी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस संदेश प्रसारित किया। तत्पश्चात सभी वरिष्ठ अधिकारियों, एनटीपीसी कर्मचारियों और एनटीपीसी बरौनी टाउनशिप के निवासियों के लिए पौधारोपण समारोह भी आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर, मुख्य महाप्रबंधक के एस सुंदरम ने सभा को संबोधित किया जहां उन्होंने पर्यावरण से होने वाले अंतहीन लाभों पर प्रकाश डाला और सभी को अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा और उसे बनाए रखने की दिशा में सामूहिक रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रचलित जलवायु परिवर्तन पर भी जोर दिया और सभी को आत्मनिरीक्षण करने के लिए कहा कि वे ग्रह को बचाने के लिए दूसरों को प्रेरित करने के लिए व्यक्तिगत प्रयास करें, क्योंकि हमारे पास केवल एक पृथ्वी है। उन्होंने यह भी बताया कि एनटीपीसी बरौनी में पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत सारे अवसर हैं, और हम इसके लिए सख्ती से काम कर रहे हैं।
आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत एनटीपीसी कई स्थायी पहलें कर रही है। आइकॉनिक सप्ताह समारोह के दौरान एनटीपीसी अपने विभिन्न विद्युत स्टेशनों पर एक विशाल वृक्षारोपण अभियान भी आयोजित कर रहा है।
उपभोक्ताओं को स्थायी एवं किफ़ायती विद्युत उपलब्ध कराने के प्रयासों को जारी रखते हुए एनटीपीसी ने यूएन में एनर्जी कॉम्पैक्ट लक्ष्यों की घोषणा की तथा दुनिया में ऐसा करने वाली पहली विद्युत कंपनी है। विश्व पर्यावरण दिवस पर एनटीपीसी पर्यावरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को और भी सशक्त बना रही है। विद्युत जगत की यह दिग्गज हाइड्रोजन, कार्बन, बैटरी संग्रहण, इलेक्ट्रिक परिवहन और अपशिष्ट से ऊर्जा के क्षेत्रों में अवसरों पर सक्रियता से काम करती रही है। इसी दिशा में केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की शुरूआत की गई।
2032 तक कंपनी ने नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से 60 मेगावॉट क्षमता का लक्ष्य तय किया है। राष्ट्रीय जल मिशन के मद्देनज़र, एनटीपीसी स्थायी उपयोग द्वारा वॉटर फुटप्रिन्ट के अनुकूलन के लिए भी प्रतिबद्ध हैै। अपनी इसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए एनटीपीसी ने सीईओ वॉटर मेंडेट पर भी हस्ताक्षर किए जो यूएनजीसी एवं जल से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले विशेष संगठनों के बीच सहयोगपूर्ण साझेदारी है।
एनटीपीसी ने आधुनिक तकनीकों एवं इनोवेशन्स के माध्यम से स्थायी पहलों को अपनाकर न सिर्फ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद की है, बल्कि जैव विविधता (बायोडाइवर्सिटी) के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्वास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी श्रृंखला में कंपनी ने इस क्षेत्र में व्यापक दृष्टिकोण एवं मार्गदर्शक सिद्धान्तों की स्थापना हेतू नवीकृत जैवविविधता नीति (बायोडाइवर्सिटी पॉलिसी) 2022 भी जारी की है। एनटीपीसी 2018 में जैवविविधता नीति जारी करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की पहली उपक्रम थी तथा उसी साल इंडियन बिज़नेस एण्ड बायोडाइवर्सिटी इनीशिएटिव (आईबीबीआई) की सदस्य भी बन गई।
एनटीपीसी ने अपने संचालन से उत्पन्न होने वाली अपशिष्ट के लिए रीड्यूस, रीयूज़ और रीसायकल के माध्यम से सकुलर इकोनोमी को लागू किया है। कंपनी पूरी तरह से कागज़ रहित प्रक्रिया को अपनाकर अब तक 4 करोड़ से अधिक कागज़ बचा चुकी है, जो तकरीबन 5000 पूरी तरह से उगे वृक्षों के बराबर है। एनटीपीसी अपनी परियोजनाओं में और इनके आस-पास 37 मिलियन से अधिक वृक्ष लगा चुकी है।
एनटीपीसी बरौनी ने इस आइकोनिक वीक को ध्यान में रखते हुए, इस एक सप्ताह के कार्यक्रम को चिन्हित करते हुए २०० पेड़ लगाने का निर्णय लिया और साथ ही पर्यावरण निरक्षण के प्रति ढृण है।




