दर्जनों गांवो में जलापूर्ति योजना विफल, पेयजल की भारी किल्लत

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चंचल गिरी की रिपोर्ट

कुंडहित(जामताड़ा)

प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को शहर की भांति शुद्व पेयजल उपलब्ध कराने हेतु ग्रामीण जलापूर्ती योजना चलाई जा रही है। ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शहर के भॉंति जलापूर्ती योजना से शीतल एवं शुद्ध पेयजल नल के माध्यम से उपलब्ध हो सके। लेकिन विभागीय दावपेंच एवं ठेकेदार के लापरवाही के कारण इसका उल्टा ही प्रभाव ग्रामीण क्षेत्र मे देखने को मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 मे पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा कुंडहित प्रखंड के विभिन्न आदिम जनजाति समुदाय के गांवों में पौने चार लाख की लागत से मिनी जलमिनार का निर्माण किया गया है। संवेदक द्वारा निर्माण कार्य मे मानक के अनुरुप सामान की आपूर्ती नही किये जाने के कारण यह योजना हाथी का दांत साबित हो रहा है,या यहां कहा जा सकता है कि योजना विफल साबित होती दिखाई दे रही है| कुंडहित प्रखंड के बारमेशिया मे एक, हल्दीडिह मे एक, गुरुगडंगाल मे एक, गायपाथर मे एक, बुड़ारडिह मे एक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे एक, मगरायडीह मे एक, जर्नादनपुर मे एक समेत अन्य गांवों में निर्मित जलापूर्ती योजना चालु होने के बाद विभिन्न कारणो से बंद पड़ी है। ग्रामीणो द्वारा इसकी जानकारी विभाग को देने के बाद भी अभी तक जलमीनार की मरम्मत नही कराई गई|कुंडहित प्रखंड के जर्नादनपुर आदिम जनजाति गाव मे एक मिनी जलपूर्ती योजना का निर्माण बीते पांच महिना के अंदर किया गया। निर्माण के बाद 20 दिन भी जलमीनार से गांव के लोगों को पेयजल का लाभ नही मिल सका। इस सम्बंध में ग्रामीण प्रमिला पुजहर, सुनिल सोरेन, सुरतु हांसदा, शिवलाल मुर्मू, मानगोपाल सोरेन, बाबुसिंह मुर्मूु आदि ने बताया बीते पांच महीना पहले जलमीनार का निर्माण किया गया था। जलमीनार निर्माण के बाद संवेदक द्वारा पंप लगाकर जलमीनार को चालु किया गया। लेकिन 20 दिन भी नही चला जलमीनार का मोठर खराब हो गया। ग्रामीणो ने बताया इसकी जानकारी विभाग को दी गई है लेकिन विभाग द्वारा रुची नही ली गई। ग्रामीणो ने बताया कि संवेदक द्वारा जलमीनार निर्माण में सही मात्रा सिमेंट और छड़ नहीं दिया गया, जैसे तैसे कर जलमीनार को खड़ा कर चालू किया गया। ग्रामीणो ने बताया जलमीनार बंद होने के कारण गावं मे पेयजल की भारी किल्लत हो गई है। ग्रामीणों ने उपायुक्त से जलापूर्ती योजना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की हैं।
मामले में कनीय अभियंता कालिचरण भगत ने कहा कि जलापूर्ती योजना बंद होने की जानकारी मुझे नही है। जानकारी लेकर बंद योजना जल्द ही चालु कर दी जाएगी।

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