ब्यूरो रिपोर्ट
खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू नही होने तक चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय
काठीकुंड(दुमका)
आज सोमवार को संथाल परगना आदिवासी बुद्धिजीवी मंच एवं आदिवासी मूलवासी एकता मंच के संयुक्त तत्वावधान में प्रखंड परिसर में एक दिवसीय महाधरना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के उपरांत प्रखंड विकास पदाधिकारी रजनीश कुमार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया|ज्ञापन के माध्यम से झारखंड की स्थानीय नीति खतियान आधारित लागू करने, बाहरी भाषा भोजपुरी, मगही,अंगिका को क्षेत्रीय भाषा की सुची से हटाने, झारखंड में स्थानीय भाषा से पढ़ाई अबिलम्ब शुरू करने, नियोजन नीति नहीं बनने तक सभी प्रकार की नियुक्ति में रोक लगाने, समेत कई मांगे की गई हैं। मौके पर इमानुएल हांसदा ने कहा कि झारखंड में खतियान आधारित स्थानीय नीति जब तक लागू नही होती है, तब तक चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। अब्राहम मुर्मू ने कहा कि खतियान आधारित स्थानीय नीति के लिए कुर्बानी देनी पड़ी तो उसके लिये भी हम झारखंड के आदिवासी मूलवासी तैयार है।मौके पर बिनु किस्कु, बिनिस हांसदा, डेविड किस्कु, मोहन हांसदा, नंदमिथेश मुर्मू, अलबिंनुस किस्कु, गाब्रिएल मुर्मू, शमशुल अंसारी, सरफराज शाहबाज, हाबिल हेम्ब्रम ,बाजून बसकी , समेत संगठन के सैकड़ों सदस्यों उपस्थित थे।




