ललित कुमार पाल की रिपोर्ट
हाइड्रोसिपल्स बीमारी से ग्रसित है शिकारीपाड़ा की नवजात बच्ची
शिकारीपाड़ा (दुमका)
शिकारीपाड़ा प्रखंड के ढाका गांव निवासी 7 महिने की नवजात बच्ची नासीना ख़ातून हाइड्रोसिप्लस बीमारी से जूझ रही थी|एसकेएमयू के एनएसएस स्वयंसेवक सचिन नंदी ने अब्दुल सत्तार की पुत्री नासीना ख़ातून का बड़ा माथा देख उसके पिता से बात की|नासीना ख़ातून के पिता ने कहा कि पैसो के अभाव से इलाज नही करा पा रहा हूँ |दैनिक मजदूरी कर परिवार चलता हूं|बच्ची के इलाज के लिए पैसा नही है| कही से कुछ मदद नही मिल रही है|जन्म के एक माह बाद से ही माथा का आकार बढ़ने लग गया| एनएसएस स्वयंसेवक सचिन नंदी ने नासीना के बीमारी को दर्शाते हुए मंत्री चम्पई सोरेन, विधायक बसन्त सोरन,मंत्री बन्ना गुप्ता ,सीता सोरेन एवं रबिन्द्र नाथ महतो को टैग कर ट्वीट कर अवगत कराया|ट्वीट देख मंत्री बन्ना गुप्ता एवं जामा विधायक सीता सोरेन ने दुमका उपायुक्त को निदेश दिया कि सरकारी प्रावधानों अथवा आयुष्मान भारत के तहत समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए|उपायुक्त दुमका ने तुरंत संज्ञान में लेकर चिकित्सक को उनके घर भेजकर प्रारम्भिक इलाज कराया,और अब रिम्स भेजनी की तैयारी चल रही है| प्रारम्भिक इलाज के लिए उनके घर गए शिकारीपाड़ा सीएचसी के चिकित्सक डॉ मिथिलेश कुमार, डॉ दयानंद दास ने प्राथमिक इलाज कर बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया है|चिकित्सक डॉ मिथिलेश कुमार एवं डॉ दयानंद दस ने कहा कि नासीना सात महीने की है|उसके माथा में पानी जमा हुआ है|इस बीमारी को हाइड्रोसिपल्स बताया है| कहा कि दुमका में पहले प्रयास किया जाएगा ,सुधार नही आने से ही रिम्स ले जाया जाएगा.सरकार की ओर से सारी व्यवस्था की जा रही है|




