नालंदा – 53,162 छापेमारी, 2,039 गिरफ्तारियां और 48 हजार लीटर शराब जब्त!

SHARE:

रिपोर्ट – मिथुन कुमार!

मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग, नालंदा से प्राप्त धारा 30 के तहत मई से अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, शराबबंदी कानून के उल्लंघन के आरोप में 67 महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इन महिलाओं के पास से कुल 327.050 लीटर देशी शराब और 9.750 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई।

आंकड़ों के मुताबिक मई में देशी शराब के मामले में 14 महिलाओं के पास से 61 लीटर शराब बरामद हुई, जबकि विदेशी शराब के मामले में एक महिला को 9.750 लीटर शराब के साथ पकड़ा गया। जून में 11 महिलाओं से 39.800 लीटर देशी शराब बरामद हुई। जुलाई में 19 महिलाओं के पास से 88.050 लीटर और अगस्त में 22 महिलाओं से 138.200 लीटर देशी शराब जब्त की गई।

यानी चार महीनों में महिला आरोपियों की संख्या 67 रही। इसी अवधि में धारा 30 के तहत 196 पुरुषों की गिरफ्तारी हुई, जिनमें 136 देशी और 60 विदेशी शराब से जुड़े मामले बताए गए हैं।

विभाग की जनवरी से सितंबर 2026 तक की समग्र रिपोर्ट के अनुसार, नालंदा में इस अवधि में 53,162 छापेमारी की गईं। विभिन्न धाराओं में 1,699 अभियोग दर्ज किए गए और 2,039 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इनमें 1,541 शराब सेवन और 498 शराब बेचने, बनाने, भंडारण या होम डिलीवरी जैसे मामलों से जुड़े बताए गए हैं।

कार्रवाई के दौरान कुल 48,142.330 लीटर शराब जब्त की गई। इसमें 43,314.515 लीटर देशी एवं चुलाई शराब तथा 4,827.815 लीटर विदेशी शराब और बीयर शामिल है। शराब तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 64 वाहनों को भी जब्त किया गया।

मद्यनिषेध विभाग के अनुसार, अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता और काउंसलिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में लोगों को अवैध शराब के कारोबार से दूर रहने और महिलाओं को वैकल्पिक आजीविका से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

विभाग की विशेष टीमें ग्रामीण इलाकों, नदी कछारों और दुर्गम क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। कार्रवाई में ड्रोन और डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है।

महिलाओं की बढ़ती गिरफ्तारियों के पीछे आर्थिक मजबूरी, परिवार के पुरुष सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद कारोबार संभालना या शराब तस्करों द्वारा महिलाओं को छोटे स्तर के कैरियर के रूप में इस्तेमाल करना जैसे कारणों की जांच की जरूरत है।

Join us on: