राघोपुर में कटाव का कहर अभी भी जारी! विक्रमशिला सेतु पर भी मंडरा रहा बड़ा खतरा, बढ़ी चिंता!

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रिपोर्ट – निभाष मोदी!

भागलपुर। राघोपुर तटबंध के डाउन स्ट्रीम में कटाव का खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है। गंगा नदी लगातार तटबंध के किनारे दबाव बना रही है, जिसके बाद जल संसाधन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर है। तटबंध को बचाने के लिए बड़े जहाजों की मदद से मेगा जियो बैग नदी में डालने का काम जारी है। हालांकि, कटाव का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आसपास के इलाकों के साथ-साथ अब विक्रमशिला सेतु को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।दरअसल, राघोपुर तटबंध के डाउन स्ट्रीम में जिस तरह से नदी का कटाव आगे बढ़ रहा है, उससे आशंका जताई जा रही है कि अगर कटाव इसी रफ्तार से जारी रहा तो गंगा की धारा और उसका दबाव नवगछिया की दिशा से विक्रमशिला सेतु की ओर बढ़ सकता है। ऐसे में सेतु के आसपास नदी के बहाव और दबाव की स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि, सेतु पर वास्तविक खतरे का आकलन संबंधित तकनीकी और विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।कटाव को नियंत्रित करने के लिए जल संसाधन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। बड़े जहाजों से मेगा जियो बैग डालकर तटबंध के कमजोर हिस्सों को सुरक्षित करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन नदी की तेज धारा और लगातार हो रहे कटाव ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

इसी बीच बिहपुर विधानसभा से VIP की प्रत्याशी रही अपर्णा कुमारी ने तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि राघोपुर बांध पर अभी भी खतरा बना हुआ है और जिस तरह गंगा नदी का दबाव बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में विक्रमशिला सेतु पर भी खतरा मंडरा सकता है।अपर्णा कुमारी ने कहा कि विक्रमशिला सेतु के अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम में पहले ही गाइड बांध बनाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने इस मामले को लेकर पथ निर्माण मंत्री और क्षेत्र के विधायक कुमार शैलेंद्र से इस्तीफे की मांग की है।अपर्णा कुमारी का कहना है कि कुछ दिन पहले मंत्री की ओर से यह बात कही गई थी कि अगर राघोपुर बांध कटता है तो वह इस्तीफा दे देंगे। अब जब एक बार फिर बांध में कटाव की स्थिति बनी हुई है, तो उन्हें अपने बयान के मुताबिक इस्तीफा दे देना चाहिए।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राघोपुर में जारी कटाव को समय रहते नियंत्रित किया जा सकेगा? क्या गंगा की धारा को विक्रमशिला सेतु की दिशा में बढ़ने से रोका जा सकेगा? जल संसाधन विभाग की टीम बचाव कार्य में जुटी है, लेकिन कटाव का आरंभ अभी भी जारी रहने से खतरे की चिंता बनी हुई है।

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