रिपोर्ट – मिथुन कुमार!
:नालंदा में स्ट्रीट डॉग का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक लोग आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिहारशरीफ सदर अस्पताल में रोजाना करीब 60 से 70 लोग डॉग बाइट के बाद इलाज और वैक्सीन के लिए पहुंच रहे हैं। पिछले छह महीने में 13 हजार 212 लोग डॉग बाइट के शिकार हो चुके हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए अब प्रशासन ने प्रभावित इलाकों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।ये तस्वीरें बिहारशरीफ सदर अस्पताल की हैं। जहां आवारा कुत्तों के आतंक से मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। अस्पताल परिसर में भी आवारा कुत्तों की मौजूदगी लगातार चिंता का कारण बनी हुई है। इसे देखते हुए बिहारशरीफ नगर निगम की टीम ने अस्पताल परिसर से आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई की।सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन के मुताबिक, इन दिनों रोजाना करीब 60 से 70 लोग डॉग बाइट के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं। पिछले छह महीने में 13 हजार 212 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन दिया जा चुका है।आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च में करीब 2500, अप्रैल में 1900, मई में 2096,जून में 2468, जुलाई में 2094 और अगस्त में 2154 लोगों को डॉग बाइट के बाद वैक्सीन दिया गया।बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नगर निगम से आवारा कुत्तों और सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने की मांग की है। साथ ही सड़क किनारे चलने वाली नॉनवेज दुकानों को भी दूसरी जगह शिफ्ट करने की जरूरत बताई गई है, ताकि कुत्तों का जमावड़ा कम हो सके।वहीं, जिलाधिकारी के निर्देश पर अब डॉग बाइट के मरीजों का मोबाइल नंबर लेकर उनकी लोकेशन दर्ज की जा रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि जिले के किन-किन इलाकों में डॉग बाइट के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।फिलहाल बिहारशरीफ सदर अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और डॉग बाइट के मरीजों को 24 घंटे वैक्सीन की सुविधा दी जा रही है।
मिथुन कुमार, संवाददाता नालंदा



