:- रवि शंकर अमित!
मोकामा के चर्चित तपस्वी बाबा घाट पर सोमवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी। वार्ड नंबर 18 के रहने वाले तीन दोस्त एक साथ गंगा नदी में स्नान करने पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही पलों में खुशियों का माहौल गहरे मातम में बदल गया। स्नान के दौरान पानी की तेज धार और गहराई का सही अंदाजा न मिलने के कारण वार्ड नंबर 18 निवासी आदित्य कुमार अचानक गहरे पानी में समा गए। साथ मौजूद दोनों दोस्त जब तक कुछ समझ पाते या शोर मचाते, आदित्य उनकी आंखों के सामने ही ओझल हो गए।
हादसे की सूचना फैलते ही घाट पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत एनडीआरएफ की टीम को बुलाने की मांग की। हालांकि, प्रशासनिक प्रक्रिया और देरी के चलते एनडीआरएफ की टीम हादसे के लगभग 12 घंटे बाद मोकामा पहुंची। इस बीच स्थानीय लोग और गोताखोर लगातार गंगा नदी में आदित्य की खोजबीन करते रहे, लेकिन घंटों की मशक्कत के बावजूद कोई सुराग नहीं मिल सका।
हादसे के ठीक 24 घंटे बाद मंगलवार को आदित्य का शव नदी की सतह पर अपने आप तैरता हुआ ऊपर आ गया। जैसे ही घाट पर मौजूद लोगों की नजर शव पर पड़ी, वहां हाहाकार मच गया और परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। मौके पर मौजूद एनडीआरएफ और पुलिस की टीम ने तुरंत जलधारा से शव को बाहर निकाला और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे बदहवास परिजनों को सौंप दिया। इस हादसे ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा मानकों और राहत टीमों की त्वरित व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



