रिपोर्ट – अमित कुमार!
एक तरफ बिहार के किसान बाढ़ से प्रभावित हैं, तो दूसरी तरफ कम वर्षा के कारण कई जिलों में सूखा की स्थिति बनी हुई है।
तेजस्वी यादव ने बाढ़ और सूखा प्रभावित किसानों को ₹15,000 की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेताओं में हिम्मत नहीं है कि वे गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर सकें।
तेजस्वी यादव ने कहा – गुजरात में नाले में पानी आ जाता है तो उसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया जाता है, लेकिन बिहार से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बावजूद बिहार को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग नहीं की जाती। वे सिर्फ रबर स्टैंप बनकर रह गए हैं।
तेजस्वी ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री बिहार आए थे, उन्होंने बाढ़ क्षेत्र का दौरा तो किया लेकिन सूखा प्रभावित किसानों के पास नहीं पहुंचे। बाढ़ क्षेत्र में जो कम्युनिटी किचन चल रहा था, उसे भी 2-4 दिन में ही बंद कर दिया गया।
तेजस्वी ने सरकार पर आरोप लगाया कि 2015 में जब महागठबंधन की सरकार थी तब बजट का 4% आपदा के लिए तय किया गया था, सरकार बताए वो पैसा कहां खर्च हुआ? पीएम केयर फंड में जमा पैसे से बिहार को आपदा में कितना मिला ये भी बताना चाहिए। ये सरकार प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दिया-बाती में 100 करोड़ खर्च कर देती है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों के लिए पैसा नहीं है। बिहार के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। 429c7af2
बाइट – तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष



