सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार से कथित मारपीट पर जाँच और कार्रवाई की माँग, डीएम को पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन!

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रिपोर्ट :- संतोष चौहान

सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार से कथित मारपीट पर जांच की मांग

पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम, सुपौल को सौंपा

सुपौल:- सहरसा सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ चिकित्सक एवं उनके सहयोगियों द्वारा कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले को लेकर सुपौल के पत्रकारों में नाराजगी है। घटना की निंदा करते हुए पत्रकारों ने मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी सावन कुमार को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकार के साथ कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार की घटना गंभीर विषय है। पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि घटना में डॉ० एस० के० आजाद एवं उनके सहयोगियों की कथित भूमिका है। पत्रकारों ने मांग की कि जांच पूरी होने तक आरोपी चिकित्सक को सहरसा सदर अस्पताल से हटाने पर विचार किया जाए, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। साथ ही अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
इसके अलावा अस्पताल प्रबंधक की घटना में कथित भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। पत्रकारों ने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पत्रकारों ने कहा कि समाचार संकलन के दौरान उन्हें कई बार संवेदनशील परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल, सरकारी कार्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में पत्रकारों को सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से समाचार संकलन के लिए आवश्यक सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
पत्रकारों ने सरकार से ऐसी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की, जिससे पत्रकार बिना भय या दबाव के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने कहा कि सहरसा सदर अस्पताल की घटना की गंभीरता से जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस मौके पर तपेश्वर मिश्र, विनय कुमार मिश्र, सुमन कुमार सिंह, पीयूष, कुणाल कुमार, बाबुल कुमार, अख्तरुल इस्लाम, अजीत ठाकुर, प्रमोद यादव, विकास कुमार, नवीन कुमार, कुंदन कुमार, जय नंदन चौधरी, मो० नजीर, मो० अकबर सहित जिले के कई पत्रकार मौजूद थे। पत्रकारों ने संयुक्त रूप से घटना की निष्पक्ष जांच और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।

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