रूस के संसदीय चुनाव में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक बनेंगे बिहार के विधायक सुजीत पासवान!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!

रूस के संसदीय चुनाव में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक बनेंगे बिहार के यह विधायक, यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं बल्कि बिहार और मिथिला के हर व्यक्ति का सम्मान है: सुजीत

मधुबनी जिले के राजनगर सुरक्षित सीट से विधायक एवं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुजीत पासवान को रूस के संसदीय चुनाव में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। राजनगर विधायक सुजीत पासवान को 18 से 20 सितंबर 2026 तक होने वाले स्टेट डूमा (संसद) के चुनाव के लिए रूसी संघ के सिविक चेंबर ने उन्हें आधिकारिक आमंत्रण भेजा है।

कहां और कब होना है चुनाव?

रूस में 18 से 20 सितंबर 2026 तक स्टेट डूमा (संसद) का चुनाव होना है। इस दौरान मधुबनी जिले के राजनगर सुरक्षित सीट के विधायक एवं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुजीत पासवान मॉस्को स्थित सिचुएशनल सेंटर में विदेशी सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के साथ चुनावी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेंगे। रूसी संघ के सिविक चेंबर ने उन्हें आधिकारिक आमंत्रण भेजा है। उनका यह चुनाव देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के बीच बिहार के एक सामान्य परिवार से आने वाले जनप्रतिनिधि का अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक के लिए चयन होना प्रदेश के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादाई संदेश है।

क्या कहा विधायक ने?

आमंत्रण को लेकर विधायक ने कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि बिहार और मिथिला के हर व्यक्ति का सम्मान है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व, राजनगर की जनता के आशीर्वाद तथा बिहार के लोगों के स्नेह, प्यार और आशीर्वाद का प्रतिफल है। उन्होंने इस महत्वपूर्व दायित्व के लिए रूसी सिविक चेंबर की अध्यक्ष लिडिया मिखीवा, सेंटर फॉर इंटरनेशनल इंटरैक्शन एंड कॉपरेशन (सीआईआईसी), प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री डॉक्टर एस० जयशंकर और इससे जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार जताया। विधायक को यह जिम्मेदारी मिलने से राजनगर सहित पूरे प्रदेश में हर्ष का माहौल है।

संघ की शाखा से रूस के सिचुएशनल सेंटर तक, कौन हैं सुजीत पासवान?

30 वर्षीय सुजीत पासवान का पैतृक गांव राजनगर का कसियौना है। वे वर्तमान में मधुबनी जिले के सबसे कम उम्र के विधायक हैं। 2025 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्व मंत्री डॉक्टर रामप्रीत पासवान का टिकट काटकर उन पर दांव लगाया और उन्होंने राजद के विष्णुदेव को 42 हजार से अधिक वोटों से हराकर जीत दर्ज की। उनका सियासी सफर बचपन में आरएसएस की शाखा से शुरू हुआ। उच्च शिक्षा के दौरान 2010 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े। 2012-13 में एबीवीपी के नगर मंत्री, 2017-19 में प्रदेश मंत्री और 2018-20 में केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य रहे।

बिहार के युवाओं की नई वैश्विक पहचान

रूस के संसदीय चुनाव में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक बने राजनगर के विधायक सुजीत कुमार पासवान छात्र राजनीति से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुंचने वाले बिहार के युवा नेताओं में से एक बन गए हैं। बिहार की मिट्टी से निकली प्रतिभा का वैश्विक लोकतांत्रिक मंच तक पहुंचना यह संदेश देता है कि आज बिहार केवल अपनी विरासत और प्रतिभा के लिए ही नहीं बल्कि अपनी नेतृत्व और लोकतांत्रिक सहभागिता के लिए भी विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रहा है।

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