नदियों के जलस्तर में गिरावट शुरू,10 लाख से अधिक प्रभावितों को दोनों समय मिल रहा खाना और जरूरत अनुसार दवाई

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:- रवि शंकर अमित!


आपदा प्रबंधन विभाग
08-09-2026

नदियों के जलस्तर में गिरावट शुरू, 10 लाख से अधिक प्रभावितों को दोनों समय मिल रहा खाना

• राहत शिविर में बच्चों को मिल रहा दूध तथा महिलाओं के बीच सैनिटेरी पैड का वितरण

• बाढ़ प्रभावितों के बीच बंटे 1.2 लाख से अधिक पॉलिथीन शीट तथा 22,000 से अधिक ड्राई राशन पैकेट

बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच प्रमुख नदियों के जलस्राव (वाटर डिस्चार्ज) में कमी और स्थिरता आने से राहत की उम्मीद जगी है। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य की प्रमुख नदियों कोसी और सोन नदी में जलस्राव घटने की प्रवृत्ति दर्ज की गई है, जबकि गंडक नदी का जलस्राव स्थिर बना हुआ है। बाढ़ के इस संकट के बीच अभी तक राज्य में 450 से अधिक सामुदायिक रसोई मे माध्यम से 10 लाख से भी अधिक लोगों में सुबह-शाम भोजन का वितरण किया जा चुका है। आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाए जा रहे हैं।

वीरपुर बराज पर मंगलवार को शाम 6 बजे तक कोसी का जलस्राव 1,61,135 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसकी प्रवृत्ति घटने की है। इसी तरह इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का पानी 1,05,827 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया और इसकी भी प्रवृत्ति स्थिर है। वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक का जलस्राव 92,900 क्यूसेक दर्ज किया गया और इसकी प्रवृत्ति घटने की है। दूसरी ओर, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया, जो इसके पिछले उच्चतम बाढ़ का जलस्तर (36.75 मीटर, 17.08.2021) से 0.05 मीटर ऊपर है, लेकिन इसकी प्रवृत्ति स्थिर है। हालांकि गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां अन्य कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

राज्य के 14 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया तथा अरवल के 82 प्रखंडों की 491 ग्राम पंचायतों में लगभग 35.89 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। बाढ़ प्रभावित लोगों की सहूलियत में 456 कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है और अभी तक करीब 10 लाख से भी अधिक लोगों को सुबह-शाम का भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके साथ ही 14 राहत शिविरों में 12,000 से अधिक बाढ़ शरणार्थियों के लिए आवासन, भोजन एवं चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। इन राहत शिविरों में बच्चों के लिए दूध का वितरण और महिलाओं को सेनेटरी किट उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही मेडिकल कैम्प तथा बोट एम्बुलेंस के माध्यम से प्रभावितों को चिकित्सीय सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

बाढ़ प्रभावितों के बीच 1.2 लाख से अधिक पॉलीथीन शीट और 22,900 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। मवेशियों के लिए 4,650 क्विंटल से अधिक पशुचारा बांटा गया है। आवागमन की सहूलियत में 1,876 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। त्वरित बचाव के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमों को विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है। इधर, वर्षा को लेकर राज्य में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 01 जून से 08 सितंबर तक राज्य में 601.1 मिमी वर्षापात दर्ज हुआ है, जो सामान्य से 27 फीसदी कम है। हालांकि, सितंबर माह में अब तक सामान्य से 31 फीसदी अधिक वर्षा हुई है। अगले 2 दिनों में राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम एवं कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

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