:- रवि शंकर अमित!
मोकामा। मोकामा घाट में हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है। 4 सितंबर से शुरू हुए इस मेले को लेकर श्रद्धालुओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
मेले में छोटे-बड़े बच्चों के मनोरंजन के लिए ब्रेक डांस, बतख, आसमानी तारा, नाव, मिक्की माउस, घोड़ा समेत कई प्रकार के झूले लगाए गए हैं। वहीं, मेले में रंग-बिरंगी दुकानों की भी खूब रौनक है। खिलौने, नमकीन, मिठाई, आइसक्रीम समेत खाने-पीने, मीणा – बाजार एवं और जरूरत के कई सामानों की दुकानें सजाई गई हैं।
मेले का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक मूर्तियां हैं। यहां श्रीकृष्ण की बाल लीला के साथ-साथ श्रीकृष्ण के माता-पिता वासुदेव और देवकी की जेल यात्रा से जुड़े धार्मिक प्रसंगों को मूर्तियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इन मूर्तियों को देखने के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
मेले के अध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी मेले का आयोजन भव्य तरीके से किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं।
वहीं, मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मोकामा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
बता दें कि बाढ़ अनुमंडल का यह एक प्रमुख श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला मोकामा प्रखंड के मोकामा घाट में आयोजित होता है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इधर, मेला स्थल गंगा नदी के किनारे होने और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर प्रशासन भी सतर्क है। गंगा किनारे बैरिकेडिंग कराई गई है और श्रद्धालुओं को खतरे से सावधान करने के लिए बोर्ड भी लगाए गए हैं।
4 सितंबर से शुरू हुए जन्माष्टमी मेले का अंतिम मेला 9 सितंबर को श्रीकृष्ण की छठी के साथ होगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में छठी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा और इसी के साथ मेले का समापन होगा।
मोकामा घाट में इस समय भक्ति, आस्था और मेले की रौनक का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।




