रिपोर्ट – अमित कुमार!
.प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और छात्र आंदोलनों के मुद्दे पर AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पटना पहुंचीं।
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों और अन्य छात्र आंदोलनों को अपना समर्थन दिया।
नेहा बोरा ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और नियमित रूप से वैकेंसी नहीं निकलने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का जवाब देना चाहिए।
स्वतंत्र भारद्वाज के निशु आजाद को लेकर दिए गए कथित बयान पर नेहा बोरा ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के लिए कानून का अलग और सत्ता के करीबी लोगों के लिए अलग रवैया दिखाई देता है। उनका कहना था कि अगर कोई व्यक्ति खुले तौर पर हिंसा की बात करता है और कार्रवाई से बचने का दावा करता है, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि आम लोगों की सुरक्षा का सवाल है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज ने जिन राजनीतिक नेताओं के नाम लेकर उन्हें अपना बड़ा भाई बताया है, अब उन नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करें।
वहीं वित्त रहित शिक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे पर भी नेहा बोरा ने सरकार को घेरा। शिक्षा मंत्री द्वारा प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस से जुड़े लोग बताए जाने पर उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हो या नहीं, अगर वह अपनी जायज मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है तो सरकार को उसकी मांग का जवाब देना चाहिए।
नेहा बोरा ने कहा कि छात्रों और आम नागरिकों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
बाइट- नेहा बोरा,राष्ट्रीय अध्यक्ष, aisa



