रिपोर्ट – निभाष मोदी!
“भागलपुर में साईं बाबा की भव्य पालकी शोभायात्रा, भक्ति में डूबा पूरा शहर—हजारों श्रद्धालु नाचते-झूमते हुए हुए शामिल
भागलपुर: 4 सितंबर 2026,शहर में आज सुबह साईं बाबा की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब साईं बाबा की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ दिन की शुरुआत हुई और देखते ही देखते पूरा माहौल साईं भक्ति से सराबोर हो गया।सबसे पहले विधि-विधान के साथ साईं बाबा का रुद्राभिषेक किया गया। रुद्राभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने साईं बाबा की आरती की। आरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। इसके बाद साईं बाबा की पालकी को भव्य रूप से सजाया गया और शोभायात्रा की शुरुआत की गई।
साईं बाबा की पालकी शोभायात्रा जैसे ही शहर की सड़कों पर निकली, श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। पालकी के आगे-आगे श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों पर झूमते नजर आए, वहीं कई श्रद्धालु नाचते-गाते हुए साईं बाबा के जयकारे लगाते दिखाई दिए।
यह भव्य पालकी शोभायात्रा कचहरी चौक, तिलकामांझी चौक और मनाली चौक सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। रास्ते भर साईं भक्तों की भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत भी किया। सड़कों पर चारों तरफ साईं बाबा के जयकारों और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही।शोभायात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। कोई हाथों में साईं बाबा का ध्वज लेकर चल रहा था तो कोई भक्ति गीतों पर नाचते-झूमते हुए पालकी के साथ आगे बढ़ रहा था। श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।
शहर में भ्रमण करने के बाद साईं बाबा की पालकी शोभायात्रा वापस मंदिर परिसर में पहुंचकर समाप्त हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।वहीं मंदिर परिसर में लगातार भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। भक्ति गीतों और साईं बाबा के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु भजन-कीर्तन में शामिल होकर साईं बाबा की आराधना कर रहे हैं।साईं बाबा की इस भव्य पालकी शोभायात्रा ने भागलपुर में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और उनकी आस्था ने पूरे आयोजन को बेहद खास बना दिया। शोभायात्रा के दौरान हर तरफ एक ही स्वर सुनाई दे रहा था—“सबका मालिक एक” और “साईं बाबा की जय।”



