रिपोर्ट – अरविंद कुमार!
समस्तीपुर :गंगा और वाया नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के निचले इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का पानी फैलने लगा है। गंगा के जलस्तर में प्रतिदिन 20 से 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ सोते और ढाब आपस में जुड़ गए हैं, जिससे कई इलाकों में झील जैसा नजारा दिखाई देने लगा है।
सरारी कैंप पर तैनात सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि बुधवार को गंगा का जलस्तर 47.25 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 45.50 मीटर से 1.75 मीटर ऊपर है। जलस्तर में अभी वृद्धि की प्रवृत्ति बनी हुई है।जलस्तर बढ़ने से मोहिउद्दीननगर प्रखंड के रासपुर पतसिया पूरब-पश्चिम, हरैल, कुरसाहा, दुबहा, महमद्दीपुर, तेतारपुर और बोचहा पंचायत के निचले इलाकों में पानी फैल गया है। मोहनपुर प्रखंड के धरणीपट्टी पश्चिम, दक्षिणी डुमरी, राजपुर जौनापुर और विशनपुर बेड़ी पंचायत के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
बाढ़ का पानी फैलने से आनंदगोलवा-गोला पट्टी, दुबहा-अदलपुर, दियारा मोड़-चपरा और विशनपुर बेड़ी-मटिऔर सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ है। चापर स्थित डब्ल्यूपीयू में भी पानी प्रवेश कर गया है। ग्रामीणों के अनुसार वार्ड संख्या 9, 12, 13, 14 और 15 में पानी तेजी से फैल रहा है।बाढ़ के पानी को देखते हुए दोनों प्रखंडों के करीब डेढ़ दर्जन विद्यालयों को प्रशासनिक आदेश से बंद कर दिया गया है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो करीब 45 विद्यालयों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।पटोरी एसडीएम विकास कुमार पांडेय ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर 24 घंटे नजर रख रहा है। मोहिउद्दीननगर में 65 और मोहनपुर में 70 नावों का निबंधन कराया गया है। इनमें से मोहिउद्दीननगर में 18 नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है तथा प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाए गए हैं।एसडीएम ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने खासकर छोटे बच्चों को बाढ़ के पानी, नदी और नहर के आसपास नहीं जाने देने की सलाह दी है।



