भागलपुर- कोसी का ऐसा रौद्र रूप कि घरों में कैद हुई जिंदगी,छतों पर शरण लेने को मजबूर ग्रामीण!

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रिपोर्ट – निभाष मोदी!

कोसी का ऐसा रौद्र रूप कि घरों में कैद हुई जिंदगी! मदरौनी में 5 फीट से ज्यादा पानी, सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रही लहरें—छतों पर शरण लेने को मजबूर ग्रामीण

भागलपुर/नवगछिया। नवगछिया अनुमंडल के मदरौनी पंचायत में कोसी नदी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद अब बाढ़ का पानी गांव की मुख्य सड़क पर भी कई फीट की ऊंचाई में बह रहा है। हालात इतने भयावह हैं कि सड़क पर बहती तेज धार को देखकर ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के तेज करंट में अगर कोई व्यक्ति सड़क पर उतर गया, तो उसे संभलने का मौका तक नहीं मिलेगा।मदरौनी की मुख्य सड़क पर पांच फीट से अधिक पानी बह रहा है। पानी की तेज लहरें और खतरनाक करंट लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। स्थिति यह है कि छोटी डेंगी के सहारे भी बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, तेज बहाव में छोटी नाव भी अपना संतुलन खो सकती है।सबसे भयावह तस्वीर गांव के घरों के अंदर की है, जहां बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। कई घरों के अंदर से पानी बह रहा है और लोग मजबूरी में अपने-अपने घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं। पिछले करीब 14 दिनों से कोसी का पानी गांव के बीचों-बीच बह रहा है, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब तक सरकारी नाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है। बाढ़ में फंसे लोगों के लिए सुरक्षित आवागमन का साधन नहीं होने के कारण मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक इलाज या किसी जरूरी काम के लिए बाहर निकलना पड़े तो उसके सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाता है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले साल भी मदरौनी में बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई थी। कई परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था और ग्रामीणों का आरोप है कि उस दौरान भी कई लोग सरकारी मदद से वंचित रह गए थे। इस बार एक बार फिर कोसी का पानी गांव को अपनी चपेट में ले चुका है।हालांकि इस मुश्किल घड़ी में पंचायत के लोगों के लिए समाजसेवी सुजीत कुमार सिंह मदद का सहारा बनकर सामने आए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सुजीत कुमार सिंह लगातार निस्वार्थ भाव से लोगों की सहायता कर रहे हैं। वे सिर्फ सड़क की मरम्मत में सहयोग नहीं कर रहे, बल्कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की जरूरतों को पूरा करने की भी कोशिश कर रहे हैं।बाढ़ के पानी के कारण बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए उनके द्वारा फॉगिंग और दवा की व्यवस्था भी कराई जा रही है। उनका प्रयास है कि पानी घटने तक ग्रामीणों को हरसंभव मदद मिलती रहे।फिलहाल मदरौनी में हालात बेहद गंभीर हैं। सड़क पर उफनती कोसी की धार, घरों में घुसा पानी और छतों पर शरण लिए परिवार बाढ़ की भयावह तस्वीर बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल सरकारी नाव की व्यवस्था करे और बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, दवा तथा अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जाए।

बाइट: विजय कुमार सिंह, ग्रामीण
बाइट: तारा देवी, ग्रामीण महिला
बाइट: सुजीत कुमार सिंह, समाजसेवी

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