रिपोर्ट – अमित कुमार!
इस बैठक का मुख्य मकसद था कि राज्य के किसानो को खाद आसानी से मिले, सही समय पर मिले और सही दाम पर मिले
मंत्री ने कहा कि खाद को लेकर कोई भी किसान परेशान नहीं होना चाहिए, हर खेत तक खाद पहुँचनी चाहिए
बैठक मे कई बड़े अधिकारी मौजूद थे, जिला स्तर के अधिकारी भी वीडियो के जरिए जुड़े थे
मंत्री ने सबसे पहले हर जिले मे खाद की उपलब्धता की जानकारी ली, किस जिले मे कितना यूरिया है, कितना डीएपी है, कितना एनपीके है और कितना एसएसपी है
सरकार के आंकड़ो के अनुसार राज्य मे खाद का पर्याप्त भंडार है, यूरिया, डीएपी, पोटाश और अन्य खाद की कोई कमी नहीं है
फिर भी कई जगह से शिकायत आ रही थी कि किसानो को दुकान पर खाद नहीं मिल रही, दुकानदार अधिक दाम ले रहे है, कालाबाजारी हो रही है
इसी शिकायत को दूर करने के लिए मंत्री ने सख्त आदेश दिए
पहला आदेश – प्रखंड स्तर पर खाद का बटवारा स्थानीय जरूरत और फसल के हिसाब से किया जाए, जहाँ धान अधिक लगता है वहाँ अधिक यूरिया भेजा जाए
दूसरा आदेश – हर दुकान पर पीओएस मशीन मे जो स्टॉक दिख रहा है और गोदाम मे जो असली स्टॉक है, उसका हर हफ्ते मिलान किया जाए, अगर अंतर मिले तो तुरंत कारवाई हो
तीसरा आदेश – उड़न दस्ता दल लगातार छापा मारे, जो दुकानदार अधिक दाम ले, नकली खाद बेचे या जमाखोरी करे, उसका लाइसेंस रद्द किया जाए और पुलिस केस दर्ज किया जाए
मंत्री ने बताया कि इस साल अब तक दो सौ से अधिक दुकानो के लाइसेंस रद्द किए जा चुके है और कई दुकानदारो पर केस दर्ज हुआ है
चौथा आदेश – नेपाल और अन्य सीमा से लगे जिलो मे खाद की तस्करी रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल के साथ मिल कर जांच की जाए
बैठक मे ड्रोन से खाद और कीटनाशक के छिड़काव पर भी बात हुई, मंत्री ने कहा कि ड्रोन से छिड़काव का असर क्या हो रहा है, इसकी जांच विशेषज्ञ दल करे और किसानो का वीडियो भी बनाया जाए
मिट्टी जांच प्रयोगशाला की स्थिति पर भी चर्चा हुई, मंत्री ने कहा कि वह खुद गाँव मे जा कर मिट्टी जांच और योजना का हाल देखेगे, केवल कागज पर काम नहीं चलेगा, जमीन पर काम दिखना चाहिए
किसानो को जागरूक करने के लिए भी योजना बनी है, किसानो को बताया जाएगा कि संतुलित मात्रा मे खाद का उपयोग कैसे करे, केवल यूरिया से काम नहीं चलेगा, डीएपी और पोटाश भी जरूरी है
अब सरकार एक नई व्यवस्था ला रही है, हर किसान को किसान आईडी से जोड़ा जा रहा है, खाद की बिक्री किसान आईडी के जरिए होगी, इससे पता चलेगा कि किस किसान ने कितनी खाद ली, कालाबाजारी रुकेगी और असली किसान को खाद मिलेगी
तीस अगस्त को मंत्री ने एक और बैठक की और कहा कि एक सितंबर से पहले सभी जिला अधिकारी अपनी रिपोर्ट दे, कहाँ खाद कम है, कहाँ अधिक है
इकतीस अगस्त को पटना के मीठापुर कृषि भवन मे एक प्रशिक्षण रखा गया है, उसका नाम है खेत बचाओ, गुणवत्तायुक्त बीज और खाद सुलभ कराओ, इसमे सभी जिलो के अधिकारी भाग लेगे
कुल मिला कर सरकार का जोर इस बात पर है कि किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े, लाइन मे न लगना पड़े, समय पर खाद मिले तो फसल अच्छी होगी और उत्पादन बढ़ेगा


