रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
मधुबनी जिले के कलुआही, बेनीपट्टी और जयनगर मे गरीबों, भूमिहीनों, ग्रामीण मजदूरों, किसानों एवं वंचित परिवारों के अधिकारों के हक को लेकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के राज्यव्यापी आह्वान पर 13 अगस्त 2026 को प्रखंड-सह -अंचल कार्यालय के समक्ष सत्याग्रह कार्यक्रम आयोजित किया गया। खेग्रामस कार्यकर्ताओ ने जहां कलुआही मे एक दिवसीय सत्याग्रह आयोजित किया। वही बेनीपट्टी मे खेग्रामस के राज्य कार्यकारणी सदस्य श्याम पंडित के अध्यक्षता मे सैकरो लोगो ने दो दिवसीय सत्याग्रह कार्यक्रम मे भाग लिए। वही जयनगर प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सामने दो दिवसीय दिन रात सत्याग्रह कार्यक्रम का प्रारंभ राष्ट्र पिता महात्मा गांधी एवं भीमराव अंबेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ भाकपा माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण, प्रखंड सचिव भाषण सिंह, खेग्रामस के प्रखंड संयोजकतस्लीम के नेतृत्व में आयोजीत किया गया। सैकरो सर्थको के साथ अपने 15 सूत्ती मांगो के समर्थन मे जहां वक्ताओं जोरदार आवाजें उठाई वही सरकार विरोधी जोरदार नारे लगाए। कलुआही प्रखंड परिसर मे आयोजित कार्यक्रम मे बड़ी संख्या में ग्रामीण गरीब, मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजा जी, अठामनी देवी एवं रंजू देवी ने संयुक्त रूप से किए। आंदोलनकारियों ने गरीबों को उजाड़ने, राशन से नाम काटने, रोजगार एवं मजदूरी के संकट तथा जमीन, आवास, पेंशन और शिक्षा से जुड़े सवालों को जोरदार तरीके से उठाया।
सत्याग्रह को संबोधित करते हुए भाकपा माले नेता कर्नल लक्ष्मेश्वर मिश्रा ने कहा कि गरीबों को उजाड़कर विकास का मॉडल स्वीकार नहीं किया जा सकता। जमीन, आवास, राशन, रोजगार और शिक्षा गरीबों का अधिकार है, कोई खैरात नहीं। सरकार गरीबों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के बजाय उन्हें उनके जमीन और घर से बेदखल करने की नीति पर आगे बढ़ेगी तो इसके खिलाफ संघर्ष और तेज किया जाएगा।
माले युवा नेता मयंक कुमार ने कहा कि भूमिहीन गरीब परिवारों को अभियान बसेरा योजना के तहत 5 डिसमिल जमीन, वर्षों से बसे गरीब परिवारों को बासगीत पर्चा तथा पर्चाधारियों को उनकी जमीन पर दखल-कब्जा दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। गरीबों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
खेग्रामस की प्रमुख मांगो मे
राशन सूची से गरीबों के नाम काटने का फैसला वापस लिए जाने एवं सभी पात्र परिवारों को राशन कार्ड दिए जने।
गरीब परिवारों को कुपोषण से बचाने के लिए बिहार सरकार अपने बजट से दाल उपलब्ध कराने को लेकर व्यवस्था करें।
मनरेगा को कमजोर करने वाली नीतियों पर सरकार रोक लगाकर काम और उचित मजदूरी की गारंटी मजदूरो को दे।
अकुशल ग्रामीण मजदूरों के लिए ₹700 प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी सरकार द्वारा घोषित की जाए।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के साथ साथ सम्मान और रोजगार की गारंटी के लिए प्रभावी कानून बनाया जाए। गरीब मजदूरों और किसानों से पानी, सफाई एवं होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद की जाए। सभी वृद्ध, दिव्यांग एवं विधवा लाभार्थियों को ₹3,000 मासिक पेंशन दी जाए।
शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाकर सरकारी विद्यालयों को बेहतर संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से विकसित किया जाए। सरकारी अस्पतालों मे सभी तरह के मरीजों के लिए इलाज का सही प्रबंध करते हुए गरीब धर के मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों मे लूट से बचाने को लेकर सरकार अमल करें। अति पिछड़ी जातियों की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए प्रभावी कानून बनाया जाए।
सभी पर्चाधारियों को उनकी पर्चा वाली जमीन पर तत्काल दखल-कब्जा दिलाया जाए।
गरीबों को उजाड़ने से पहले उन्हें बसाने की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
सभी भूमिहीन गरीब परिवारों को अभियान बसेरा योजना के तहत 5 डिसमिल सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जाए।
वर्षों से सरकारी एवं गैर-मजरुआ जमीन पर बसे गरीब परिवारों को तत्काल बासगीत पर्चा दिया जाए।
गरीबों के जमीन एवं आवास के अधिकार की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा जबरन बेदखली पर रोक लगाई जाए।
सत्याग्रह के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार एवं प्रशासन से मांग किया है कि गरीबों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और उनकी जमीन, आवास, रोजगार, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकारों को सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण गरीबों की भागीदारी ने स्पष्ट किया कि कलुआही , बेनीपट्टी एवं जयनगर में गरीबों के अधिकारों की लड़ाई अब और व्यापक होगी। वक्ताओं ने कहा कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।




