नेता प्रतिपक्ष बहुत देर से चलते हैं, जिस काम को शिक्षा विभाग पहले ही पूरा कर चुका है उसी संबंध में पत्र लिखते हैं- मंत्री!

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रिपोर्ट – अमित कुमार!

इस दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र को लेकर तीखा तंज भी कसा। मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बहुत देर से चलते हैं और जिस काम को शिक्षा विभाग पहले ही पूरा कर चुका है उसी के संबंध में वे पत्र लिखते रहते हैं। ऐसे में उनके पत्र का कोई औचित्य नहीं बचता। उन्होंने यह भी कहा कि कम से कम विपक्ष को शिक्षा विभाग में हो रहे काम तो दिखाई दे रहे हैं। तेजस्वी यादव जिन विषयों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जैसे उर्दू और संस्कृत शिक्षकों की बहाली, उन पर सरकार पहले ही काम कर चुकी है और आगे भी इसे लेकर प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने भाषाओं के मुद्दे पर कहा कि आरजेडी के पंद्रह साल के शासनकाल में संस्कृत और उर्दू की कोई चिंता नहीं की गई। अब जब वे सत्ता से बाहर हैं तो उपदेश देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोनों ही भाषाओं को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रहे हैं।

शिक्षक बहाली से जुड़े TRE 4 और परीक्षा की तिथियों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विषय पूरी तरह बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC के अधिकार क्षेत्र में आता है। सरकार ने आयोग से अनुरोध किया है कि परीक्षा को जल्द से जल्द और पूरी तरह पारदर्शी तथा फुल प्रूफ व्यवस्था के साथ संपन्न कराया जाए ताकि अभ्यर्थियों को किसी तरह की दिक्कत न हो।

छात्र आंदोलन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की सभी जायज मांगों पर विचार किया जा चुका है। कुछ नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए छात्रों को भड़का रहे हैं। झारखंड में JPSC को लेकर हुए प्रदर्शन और लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां की सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों पर बल प्रयोग कर रही है और CBI जांच से बच रही है।

अंत में शिक्षकों के स्थानांतरण और सरप्लस के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में स्वीकृत पदों से अधिक शिक्षक हैं, उनके समायोजन के लिए ऐच्छिक स्थानांतरण की व्यवस्था की जा रही है ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे।

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