रिपोर्ट – अमित कुमार!
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज पटना के मुख्य सचिवालय में बिहार मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई जिसमें राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के बाद स्वीकृति प्रदान की गई। इस बैठक में लिए गए निर्णयों का सीधा असर ऊर्जा, शिक्षा, रोजगार और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा। सरकार का जोर अब हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और नियोजित शहरीकरण पर है।
बैठक का एक बड़ा निर्णय जल जीवन हरियाली अभियान से जुड़ा हुआ है। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-2030 तक राज्य के सभी सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाने की स्वीकृति दे दी है। इसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों में बिजली की खपत को कम करना और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना है। सोलर प्लांट लगने से न केवल राज्य सरकार के बिजली बिल में कमी आएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जल जीवन हरियाली अभियान के तहत पहले से चल रहे वृक्षारोपण और जल संरक्षण के कार्यों के साथ अब सौर ऊर्जा को जोड़कर सरकार एक समग्र हरित मॉडल तैयार करना चाहती है।
युवाओं के लिए भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना को अब 2030-2031 तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के सुचारू संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 300 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे युवा जो 12वीं या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण हैं और बेरोजगार हैं उन्हें दो वर्षों तक हर महीने एक हजार रुपये का स्वयं सहायता भत्ता दिया जाता है। सरकार का मानना है कि इस भत्ते से युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर तरीके से कर पाएंगे और उन्हें आर्थिक रूप से भी सहारा मिलेगा। योजना के विस्तार से आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
बैठक में शहरी विकास को लेकर भी कई अहम फैसले हुए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ग्रीन फील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास पर विशेष जोर दिया। राज्य सरकार ने ग्रीन फील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सुनियोजित विकास और परियोजना के कार्यान्वयन में तकनीकी सहायता के लिए अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय को चयनित करने की स्वीकृति दी है। यह संस्थान टाउनशिप की प्लानिंग, डिजाइन और पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए विकास में मदद करेगा। इसके साथ ही पाटलिपुत्र और तिरहुत ग्रीन फील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के कोर क्षेत्र को विस्तारित करने का भी निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा कैबिनेट ने पाटलिपुत्र, हरिहरनाथ, मगध और तिरहुत के कोर क्षेत्र तथा उसके बाहर के विशेष क्षेत्र में बुनियादी ढांचा, सेवाएं और संबंधित संरचनाओं के विकास के लिए टाउनशिप प्लानिंग स्कीम के अंतर्गत आवश्यकता के अनुसार भूमि की खरीद और अधिग्रहण की स्वीकृति भी प्रदान की है। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नियोजित टाउनशिप बसाना है ताकि पटना और आसपास के क्षेत्रों पर बढ़ते शहरी दबाव को कम किया जा सके और लोगों को बेहतर आवास, सड़क, पानी, बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कुल मिलाकर आज की कैबिनेट बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, युवा सशक्तिकरण और नियोजित शहरीकरण को प्राथमिकता दी गई है। सरकार के इन निर्णयों से आने वाले पांच वर्षों में राज्य के विकास की गति तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।



