रिपोर्ट – अरविंद कुमार!
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित अवर निरीक्षक (मद्य निषेध) प्रारंभिक लिखित परीक्षा की तैयारी एवं विधि-व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने की समीक्षा बैठक
समस्तीपुर, दिनांक 08 जुलाई 2026
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग, पटना द्वारा विज्ञापन संख्या 03/2026 के अंतर्गत मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक (मद्य निषेध) के पद पर नियुक्ति हेतु आयोजित प्रारंभिक लिखित परीक्षा दिनांक 12 जुलाई 2026 (रविवार) को एक पाली में समस्तीपुर जिला मुख्यालय अंतर्गत 17 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में विधि-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में जिला मुख्यालय स्थित सभी संबंधित पदाधिकारी समाहरणालय सभागार में उपस्थित रहे, जबकि अनुमंडल एवं प्रखंड/अंचल स्तर के क्षेत्रीय पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालयों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी दंडाधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी तथा परीक्षा अवधि के दौरान सतत निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने तथा असामाजिक एवं कदाचार फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने, परीक्षा केंद्रों के आसपास नियमित गश्ती करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या अवांछित गतिविधि पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के सुगम प्रवेश, यातायात प्रबंधन, संचार व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए परीक्षा का शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं कदाचारमुक्त संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।



