बेगूसराय से रवि शंकर के साथ बबलू राय की रिपोर्ट!
बेगूसराय स्थित बरौनी रिफाइनरी में मजदूरों का आंदोलन दूसरे दिन हिंसक हो गया। मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे मजदूरों और पुलिस के बीच टकराव के बाद जमकर बवाल हुआ। इस दौरान रिफाइनरी गेट पर तोड़फोड़, वाहनों में नुकसान और कार्यालय के सामान को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।मामला रिफाइनरी थाना क्षेत्र स्थित रिफाइनरी के मुख्य गेट नंबर-1 का है। बताया जा रहा है कि शार्प टैंक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत मजदूर श्याम सुंदर पाठक 29 जून को काम के दौरान लोहे की पाइप गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई।मजदूर की मौत के बाद परिजनों और साथी मजदूरों ने कंपनी से मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कंपनी की ओर से 17 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि अब तक यह मुआवजा नहीं दिया गया। इसी मांग को लेकर सोमवार से परिजन और मजदूर भूख हड़ताल पर बैठे थे। आंदोलन के दूसरे दिन भी जब कोई समाधान नहीं निकला तो मजदूरों का आक्रोश बढ़ गया।
प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस ने हालात नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का आरोप है, जिसके बाद मजदूर और भड़क गए। गुस्साए मजदूरों ने रिफाइनरी गेट पर जमकर तोड़फोड़ की। कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की गई, कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे, एलईडी, ब्रैकेटिंग और अन्य कीमती सामान भी तोड़ दिए गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
घटना के बाद पूरे रिफाइनरी परिसर और आसपास के इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। मजदूरों का कहना है कि यदि मृतक के परिजनों को घोषित 17 लाख रुपये का मुआवजा समय पर दे दिया जाता, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।



