रिपोर्ट – अमित कुमार!
राजधानी पटना के ऐतिहासिक बांस घाट श्मशान का अब अत्याधुनिक स्वरूप तैयार हो चुका है। बिहार सरकार ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUIDCO) के माध्यम से करीब 89.40 करोड़ रुपये की लागत से गंगा किनारे आधुनिक शवदाह गृह का निर्माण कराया है। इस अत्याधुनिक परिसर के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ईशा फाउंडेशन को सौंप दी गई है। करीब 4.5 एकड़ में फैले इस शवदाह गृह में एक साथ 18 शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था है। यहां चार इलेक्ट्रिक क्रेमेटोरियम, लकड़ी आधारित शवदाह स्थल, पारंपरिक चिताएं, दो वातानुकूलित (AC) वेटिंग हॉल, पेयजल, शौचालय और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
ईशा फाउंडेशन का क्या कहना है कि
बांस घाट का उद्देश्य अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और सम्मानजनक बनाना है। संस्था का कहना है कि वह तमिलनाडु में पिछले कई वर्षों से ऐसे दर्जनों आधुनिक शवदाह गृहों का संचालन कर रही है और बिहार में भी इसी मॉडल को लागू किया जा रहा है।
वहीं सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक अंतिम संस्कार व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है। पहले भी दीघा में एलपीजी आधारित शवदाह गृह के लिए ईशा फाउंडेशन को नगर निगम की जमीन लीज पर देने के पीछे सरकार ने गंगा प्रदूषण कम करने, पारंपरिक व्यवस्था को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और बेहतर प्रबंधन को उद्देश्य है।
आधुनिक, सम्मानजनक और बेहतर अंतिम संस्कार व्यवस्था की दिशा में उठाया गया कदम है।
बाइट – रामकृपाल यादव,मंत्री,सहकारिता विभाग



