रिशु श्री समेत किन मुद्दों पर तेजस्वी ने सरकार को जमकर लपेटा,यहाँ पढ़ें!

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रिपोर्ट – अमित कुमार!

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज कथित रिशु श्री मामले को लेकर एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि “बड़ी मछलियों” को बचाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से 20 सवाल पूछते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे बिहार की जनता एनडीए सरकार से जवाब चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस” की बात करती है, उसी के कार्यकाल में लगातार एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं। उनका कहना था कि अगर निष्पक्ष जांच हो तो “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा।

बिहार में अराजकता का माहौल’

राजद नेता ने दावा किया कि बिहार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पर कर्ज बढ़ रहा है, खजाना खाली हो चुका है । और मुख्यमंत्री आपात निधि से 3607 करोड़ रुपए निकले गये है,और छात्रवृत्ति, पेंशन तथा किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है। तेजस्वी ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है, जबकि आम जनता परेशान है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में नेतृत्व कमजोर है और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में वही पुरानी व्यवस्था कायम है और बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है।

20 सवालों के जरिए सरकार को घेरा

तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो वे उनके 20 सवालों का जवाब दें। उन्होंने पूछा कि— रिशु श्री को कई विभागों के टेंडर अपनी मर्जी से कैसे मिलते रहे? ईडी की जांच में जिन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? दो आईएएस अधिकारियों को निलंबित किया गया, लेकिन चार्जशीट में उनका नाम क्यों नहीं है? घोटाले की कुल राशि अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? क्या रिशु श्री से जुड़ी कंपनियों को मिले सभी सरकारी टेंडरों की जांच कराई जाएगी? यदि ई-टेंडरिंग व्यवस्था थी, तो उसमें कथित हेराफेरी कैसे हुई? सरकारी विभागों में बिल पास कराने के लिए फिक्स कमीशन का आरोप सही है या नहीं? छोटे कर्मचारियों को बनाया जा रहा मोहरा’

ईडी के इनपुट के बावजूद बिहार सरकार ने एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों की? संबंधित विभागों के मंत्रियों ने अब तक नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया? ‘तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल छोटे इंजीनियरों और लिपिकों को कार्रवाई का चेहरा बना रही है, जबकि बड़े अधिकारी और प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसवीयू (SVU) की चार्जशीट में केवल सात आरोपियों को शामिल किया गया है, जबकि कई अन्य नामों को छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों के परिवारों द्वारा कंपनियां बनाई गईं और सरकारी ठेकों में उन्हें लाभ पहुंचाया गया। साथ ही यह भी दावा किया कि रिशु श्री के यहां छापेमारी में बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद हुए।

सरकार का जवाब आना बाकी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार पर कई राजनीतिक और प्रशासनिक आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर बिहार सरकार या संबंधित विभाग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

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