रिपोर्ट :- संतोष चौहान!
सुपौल :- बिहार सरकार ने राज्य में बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। इसी क्रम में गृह विभाग के निर्देश पर सुपौल जिले के सात प्रमुख थानों को इंस्पेक्टर रैंक का थाना घोषित कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद अब इन थानों की कमान पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) स्तर के अधिकारियों के हाथों में होगी।
सरकार के आदेश के अनुसार जिले के सुपौल, त्रिवेणीगंज, निर्मली, वीरपुर, राघोपुर, पिपरा और छातापुर थानों को इंस्पेक्टर स्तर का थाना घोषित किया गया है। इन थानों में अब इंस्पेक्टर रैंक के पदाधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि अधिक जनसंख्या, बड़े क्षेत्रफल और अपराध की दृष्टि से संवेदनशील थानों में इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की तैनाती से अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, मामलों के त्वरित निष्पादन तथा पुलिस कार्यों की निगरानी में भी अधिक प्रभावशीलता आएगी। राज्य सरकार ने कहा है कि भारतीय न्याय संहिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए थानों को अधिक सक्षम और सशक्त बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य के 217 अतिरिक्त थानों को इंस्पेक्टर रैंक का दर्जा प्रदान किया गया है। बिहार में वर्तमान में कुल 1,382 पुलिस थाने अधिसूचित हैं। पहले केवल 208 थाने इंस्पेक्टर रैंक के थे, लेकिन नए आदेश के बाद 217 और थानों को इस श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही अब राज्य में कुल 425 सामान्य पुलिस थानों में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से सरकार के द्वारा लागू कर दिया गया है।




