भोजपुर में कथित फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ हाईकोर्ट के वकील सौरभ तिवारी ने दायर की याचिका!

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रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय


श्री कृष्ण जन्मभूमि और ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्षकारों के अधिवक्ता एवं बिहार के रोहतास जिले के मूल निवासी, सौरभ तिवारी ने भोजपुर पुलिस द्वारा भारत भूषण तिवारी की कथित न्यायेतर हत्या (फर्जी एनकाउंटर) और पीड़ित परिवार पर हो रहे पुलिसिया अत्याचार के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष एक पत्र याचिका (Letter Petition) दायर किया है।

इस पत्र याचिका के माध्यम से अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कानून के शासन की रक्षा और पुलिस की बर्बरता पर रोक लगाने के लिए अदालत से तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि भोजपुर जिला पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर एक सोची-समझी साजिश के तहत भारत भूषण तिवारी को ‘फर्जी मुठभेड़’ में मार गिराया, जो मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है।

पीड़ित परिवार के उत्पीड़न का मामला
याचिका में यह भी उजागर किया गया है कि इस कथित मुठभेड़ के बाद पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। न्याय की आवाज को दबाने के लिए परिजनों के ऊपर फर्जी केस लादकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है।

पत्र याचिका में की गई मुख्य मांगें:
न्यायिक या सीबीआई जांच: पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में एवं उच्च न्यायालय की निगरानी में उच्च स्तरीय न्यायिक समिति या केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI/SIT से जांच कराई जाए।

दोषियों पर प्राथमिकी: फर्जी एनकाउंटर और परिजनों के उत्पीड़न में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो।

सुरक्षा और मुआवजा: पीड़ित परिवार को अविलंब पर्याप्त पुलिस सुरक्षा दी जाए और उन्हें उचित आर्थिक व मानसिक मुआवजा प्रदान किया जाए।

अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने अदालत से आग्रह किया है कि खाकी की जवाबदेही तय करने और न्याय के सिद्धांतों को अक्षुण्ण रखने के लिए इस मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तुरंत संज्ञान लिया जाए।

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