रिपोर्ट :- संतोष चौहान
प्रशिक्षण पूरा कर पुलिस परिवार में शामिल हुए नए जवान, आकर्षक परेड से दिखाया दमखम: अधिकारियों ने बढ़ाया हौसला
सुपौल :- जिला मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत सुपौल पुलिस लाइन परिसर शनिवार को अनुशासन, उत्साह और गौरव के माहौल का गवाह बना, जहां 217 प्रशिक्षु जवानों का भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। लंबे और कठिन प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इन जवानों ने पुलिस सेवा में कदम रखते हुए कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ ली। समारोह में मौजूद अधिकारियों ने नए जवानों को पुलिस विभाग की गरिमा बनाए रखने और आम जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि कोशी रेंज के डीआईजी कुमार आशीष ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में आने वाले प्रत्येक जवान को समाज के प्रति संवेदनशील रहते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। आम जनता के साथ पुलिसकर्मियों का व्यवहार ही विभाग की छवि को मजबूत बनाता है।
उन्होंने कहा कि एक अच्छे पुलिसकर्मी की पहचान केवल अपराध नियंत्रण से नहीं होती, बल्कि वह पीड़ितों की सहायता, कमजोर वर्गों की सुरक्षा और समाज में विश्वास का वातावरण बनाने से होती है। उन्होंने जवानों से अपील की कि वे कानून का पालन कराते समय मानवीय मूल्यों को हमेशा ध्यान में रखें और हर परिस्थिति में धैर्य एवं संयम बनाए रखें।
दीक्षांत समारोह के दौरान प्रशिक्षु जवानों ने शानदार परेड प्रस्तुत की। कदमताल करते हुए जवानों ने अपने प्रशिक्षण के दौरान हासिल की गई शारीरिक दक्षता, अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन किया। जवानों की आकर्षक प्रस्तुति देखकर उपस्थित अतिथियों और अधिकारियों ने जमकर सराहना की। परेड के दौरान जवानों के आत्मविश्वास और ऊर्जा ने पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बना दिया।
डीआईजी कुमार आशीष ने जवानों को आधुनिक पुलिसिंग की जरूरतों से अवगत कराते हुए कहा कि वर्तमान समय में पुलिस विभाग के सामने नई चुनौतियां हैं। अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अनुसंधान पद्धतियों और डिजिटल माध्यमों की जानकारी रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग से पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने जवानों को अनुशासन को पुलिस सेवा की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि विभाग की प्रतिष्ठा प्रत्येक पुलिसकर्मी के आचरण से जुड़ी होती है। इसलिए सभी जवान अपने व्यवहार, कार्यशैली और जिम्मेदारियों के प्रति हमेशा सजग रहें। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए ताकि आम लोगों का विश्वास पुलिस व्यवस्था पर और मजबूत हो सके।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान इन जवानों को पुलिस कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें शारीरिक दक्षता, कानून की जानकारी, हथियार संचालन, आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, मानवाधिकार, अपराध अनुसंधान, यातायात व्यवस्था और जनता के साथ संवाद स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को हर परिस्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया गया।
समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया गया। अधिकारियों ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे आगे भी इसी तरह मेहनत और समर्पण के साथ पुलिस विभाग का नाम रोशन करें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक सारथ आर०एस०, पुलिस विभाग के कई वरीय अधिकारी, जवानों के प्रशिक्षक, पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में जवानों के परिजन मौजूद थे। अधिकारियों ने नए जवानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 217 नए जवानों के पुलिस बल में शामिल होने से जिले की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
समारोह के अंत में सभी नव नियुक्त जवानों ने पुलिस सेवा को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लिया। जवानों ने संविधान और कानून के प्रति आस्था रखते हुए जनता की सेवा, अपराध नियंत्रण और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रण लिया।
दीक्षांत समारोह केवल प्रशिक्षण पूर्ण होने का अवसर नहीं था, बल्कि यह उन जवानों के लिए एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत भी थी, जिन्होंने अब पुलिस की वर्दी पहनकर समाज की सुरक्षा और सेवा का दायित्व संभाल लिया है।




