रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए राज्य के विद्यालयों में शनिवार को हाफ-डे लागू करने का फैसला किया गया है। इस संबंध में फाइल पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और जल्द ही शिक्षा विभाग इसकी अधिसूचना जारी करेगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि 9 और 10 अगस्त को शिक्षा विभाग के 350 से 400 अधिकारियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्कूलों की समस्याओं, विभागीय समन्वय और समयबद्ध कार्ययोजना सहित कई अहम विषयों पर मंथन होगा। शिविर के बाद 11 अगस्त को लिए गए फैसलों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बिहार के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 31 अक्टूबर तक शिक्षकों की अधिकतम समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शिक्षक पूरी तरह छात्रों की पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों के स्थानांतरण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की गई है। जो शिक्षक अब तक आवेदन नहीं कर सके हैं या सरप्लस सूची में नहीं हैं, उनके लिए 17 सितंबर से सामान्य स्थानांतरण हेतु पोर्टल खोला जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया भी 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार के निर्माण में शिक्षा विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी जाएगी।
बाइट: शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी।



