श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायेगा स्वास्थ्य विभाग: निशांत कुमार!

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:- रवि शंकर अमित!


स्वास्थ्य विभाग,
बिहार, पटना

श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायेगा स्वास्थ्य  विभाग: श्री निशांत

कांवरिया पथ पर स्थापित होंगे स्वास्थ्य शिविर, ALSA एवं  BLSA एम्बुलेंस सेवाएं रहेंगी उपलब्ध

बांका, भागलपुर, जमुई एवं मुंगेर सहित अन्य संबंधित जिलों को जारी किए गए आवश्यक निर्देश

पटना, 19 जून 2026

श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं को मेले के दौरान गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग द्वारा सभी संबंधित जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने, अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों की स्थापना, चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है।

माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाले श्रावणी मेला के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, एम्बुलेंस सेवाओं तथा आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने बांका, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, जहानाबाद, लखीसराय, मधुबनी, समस्तीपुर एवं सिवान सहित श्रावणी मेला से जुड़े सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों का विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराएं। साथ ही सुल्तानगंज-देवघर कांवरिया पथ एवं राज्य के अन्य प्रमुख मेला क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

विभागीय निर्देशों के अनुसार कांवरिया मार्ग एवं प्रमुख मेला क्षेत्रों में प्रत्येक दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर अस्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके। इन शिविरों में चिकित्सक, एएनएम, पारा मेडिकल कर्मी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। साथ ही प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (ALSA) एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (BLSA) की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। सभी जिलों को अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों की संख्या, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता, दवाओं के भंडारण तथा एम्बुलेंस सेवाओं से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने एवं विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से सर्पदंश, जलजनित रोगों एवं अन्य आपातकालीन स्थितियों के उपचार हेतु आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसके तहत एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) तथा एंटी स्नेक वेनम सीरम (ASVS) का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

मेले के दौरान श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं जागरूकता संदेश उपलब्ध कराने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। स्वास्थ्य शिविरों एवं प्रमुख मेला स्थलों पर होर्डिंग, बैनर एवं पोस्टर लगाए जाएंगे। इन प्रचार सामग्रियों पर संबंधित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के संपर्क नंबर भी अंकित किए जाएंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालु आसानी से चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकें।

विभाग ने विभिन्न जिलों द्वारा मांगे गए चिकित्सकों, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी सिविल सर्जनों, जिला कार्यक्रम प्रबंधकों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मेला प्रारंभ होने से कम-से-कम 15 दिन पूर्व सभी तैयारियों की अद्यतन रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था समय रहते की जा सके।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मेला मार्ग में संचालित खाद्य सामग्री विक्रेताओं के स्टॉलों पर खाद्य सुरक्षा संबंधी जागरूकता फ्लेक्स लगाए जाएंगे, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध कराएगा ताकि श्रद्धालुओं को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा फूड स्टॉल वेंडरों को स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य-पेय पदार्थों के निर्माण एवं वितरण के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया है। साथ ही वेंडरों को टोपी, ग्लव्स एवं एप्रन उपलब्ध कराए जाएंगे। मेला अवधि के दौरान मॉडल वेंडर की पहचान कर उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके लिए कई जिलों में अतिरिक्त फूड सेफ्टी ऑफिसरों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।

जिलों के फूड सेफ्टी ऑफिसरों को निर्देश दिया गया है कि वे श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करते रहें। इसके अतिरिक्त चलंत खाद्य प्रयोगशालाओं के माध्यम से भी मेला क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा की सतत निगरानी की जाएगी।

माननीय मंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें राज्य सहित देशभर से लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी कर रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि मेले के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को समय पर प्रभावी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो तथा संपूर्ण आयोजन सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो।

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