आरा के रमना मैदान में बढ़ती भीड़ बनी चुनौती, सुबह-शाम खुलवाने की उठी अतिरिक्त प्रवेश द्वार की मांग!

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आरा/आशुतोष पाण्डेय

आरा। शहर के बीचोंबीच स्थित रमना मैदान आज भी हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य, व्यायाम और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सुबह और शाम के समय यहां लोगों की इतनी अधिक भीड़ जुटती है कि कई बार अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। नियमित रूप से टहलने आने वाले लोगों का कहना है कि मैदान में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक छोटे गेट का उपयोग होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब चार बजे से ही पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा स्वास्थ्य लाभ के लिए रमना मैदान पहुंचने लगते हैं। योग, दौड़, मॉर्निंग वॉक और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए आने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह सिलसिला सुबह सात बजे तक जारी रहता है। इसी दौरान एक ही प्रवेश द्वार से लोगों का आना-जाना होता है, जिससे कई बार धक्का-मुक्की और विवाद जैसी स्थिति भी पैदा हो जाती है।
टहलने आने वाले लोगों का कहना है कि मैदान का बड़ा मुख्य गेट अधिकांश समय बंद रहता है। यदि सुबह के समय बड़े गेट को खोल दिया जाए तो भीड़ का दबाव कम हो सकता है और लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़े गेट को नियमित रूप से सुबह के समय खोला जाए।
वहीं शाम के समय भी रमना मैदान में भारी भीड़ देखने को मिलती है। बच्चों के खेलने, युवाओं के व्यायाम करने और परिवारों के घूमने के लिए यह मैदान प्रमुख स्थल है। शाम होते ही मैदान में बच्चों की चहल-पहल बढ़ जाती है, जिससे प्रवेश द्वार पर भीड़ और अधिक बढ़ जाती है। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि रमना मैदान शहर का इकलौता बड़ा सार्वजनिक मैदान है, जहां हर वर्ग के लोग पहुंचते हैं। ऐसे में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रवेश-निकास व्यवस्था में सुधार, बड़े गेट को नियमित रूप से खोलने तथा आवश्यक सुरक्षा एवं प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है। लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस समस्या पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे।

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