निजी अस्पताल के ICU में भीषण आग, अबतक कुल 5 मरीजों की मौत!

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रिपोर्ट – संतोष तिवारी!

निजी अस्पताल के ICU में भीषण आग, 5 मरीजों की मौत; वेंटिलेटर में धमाके के बाद फैली अफरा-तफरी..पांच सदस्यीय टीम गठित
बिहार के मुजफ्फरपुर शहर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। ब्रह्मगे।

इस भीषण हादसे ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और फायर फाइटिंग सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • कर्मचारियों का गायब होना:
    परिजनों का आरोप है कि घटना के वक्त आईसीयू में कोई भी अटेंडेंट या जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। आग भड़कने के बाद मरीजों को बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया, जिसके बाद परिजन खुद अपने अपनों को बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर आगे बढ़े।
  • फायर फाइटिंग सिस्टम फेल:
    अस्पताल में लगा फायर हाइड्रेंट सिस्टम मौके पर काम नहीं कर पाया। हालांकि, वहां कुछ फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) जरूर मौजूद थे, लेकिन उन्हें ऑपरेट करने वाला (चलाने वाला) कोई भी प्रशिक्षित स्टाफ वहां मौजूद नहीं था।
    राहत एवं बचाव कार्य: मौके पर पहुंचे DM और SSP
    घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंची। आग इतनी भीषण थी कि सुबह तक पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रही।
    मौके पर पहुंचे मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्थिति का जायजा लिया।
  • मरीजों का रेस्क्यू: फंसे घायल और अन्य फ्लोर पर भर्ती मरीजों को तुरंत रेस्क्यू कर आसपास के अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कराया गया है।
  • भीड़ पर नियंत्रण: हादसे के बाद अस्पताल के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
    जिला प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि आग लगने के सही कारणों और सुरक्षा मानकों में हुई चूक को स्पष्ट किया जा सके।पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।
    बाईट-ऋतुराज प्रताप सिंह,नगर आयुक्त

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