आरा/आशुतोष पाण्डेय
आरा /बिहिया प्रखंड के एक मध्य विद्यालय में कार्यरत नियोजित प्रखंड शिक्षक के खिलाफ फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की जांच में शिक्षक का बिहार प्रारंभिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का अंक-पत्र पूरी तरह फर्जी एवं कूटरचित पाए जाने के बाद बिहिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशेष जांच दल द्वारा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) कार्यालय से उपलब्ध कराए गए अभिलेखों एवं फोल्डर की गहन जांच की गई. जांच के दौरान मध्य विद्यालय महुंआँव में कार्यरत प्रखंड शिक्षक चन्दन कुमार रजक के शैक्षणिक दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं. जांच रिपोर्ट में उनके टीईटी अंक-पत्र को जाली करार दिया गया है. बताया जाता है कि चन्दन कुमार रजक, पिता राजेन्द्र रजक, भोजपुर जिले के कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र स्थित सोहरा गांव के निवासी हैं. उनका नियोजन वर्ष 2015 में बिहिया प्रखंड के मध्य विद्यालय महुंआँव में प्रखंड शिक्षक के पद पर हुआ था. निगरानी ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मामले की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है.




