रिपोर्ट- पंकज कुमार!
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार जहानाबाद श्री विकास कुमार, जहानाबाद की अध्यक्षता में आज व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित जिला जज के कार्यालय प्रकोष्ठ में सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आवश्यक समीक्षा बैठक आहुत की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी महीनों में आयोजित होने वाली ‘विशेष लोक अदालत’ तथा ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ के सफल क्रियान्वयन एवं मुकदमों के त्वरित निष्पादन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना था।
बैठक के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित दो आगामी आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, विशेष लोक अदालत आगामी 18 जुलाई 2026 को जिला न्यायालय में ‘विशेष लोक अदालत’ का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष अदालत मुख्य रूप से एन.आई. एक्ट (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 (चेक बाउंस मामले) के नए प्रावधानों व नियमों के तहत लंबित मामलों के त्वरित और आपसी सुलह के आधार पर निपटारे के लिए केंद्रित होगी। प्रधान जिला जज ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों को चिन्हित कर दोनों पक्षों को ससमय नोटिस तामिला (सर्व) कराया जाए ताकि अधिक से अधिक वादों का निष्पादन हो सके।
आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (12 सितंबर 2026) इसके अतिरिक्त, वर्ष के आगामी (12 सितंबर 2026) को आयोजित होने वाली भव्य ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ की तैयारियों को लेकर भी विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में जिला जज द्वारा स्पष्ट किया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामले, बैंक ऋण, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा (MACC), और श्रम कानूनों से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए अभी से ही ‘प्री-सिटिंग’ (Pre-sitting) और काउंसलिंग की प्रक्रिया तेज की जाए।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का संदेश:
“लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस और वादकारियों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च और समय की बर्बादी के सुलभ न्याय प्रदान करना है। सभी न्यायिक पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि अदालत के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो तथा लंबित मुकदमों के बोझ को कम किया जा सके।”
इस उच्चस्तरीय बैठक में जहानाबाद न्यायमंडल के सभी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM), अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी (SDJM), मुंसिफ, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव सहित अन्य सभी न्यायिक पदाधिकारी गण मुख्य रूप से उपस्थित थे। सभी ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।



