रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय
आरा/एसबी कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक नीतू से बुधवार को आइसा का प्रतिनिधि मंडल मिला और परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई। प्रतिनिधि मंडल में आइसा के जिलाध्यक्ष विकास कुमार, एसबी कॉलेज के सचिव साहिल एरोरा, अध्यक्ष राजन कुमार, छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार तथा आइसा के जिला सह–सचिव अखिलेश गुप्ता शामिल थे।
जानकारी के अनुसार वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा स्नातकोत्तर सेमेस्टर-2 (सत्र 2025–27) की परीक्षा कुल 7 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है—आरा में 4, बक्सर में 1, भभुआ में 1 और सासाराम में 1 केंद्र।
भीषण गर्मी में अव्यवस्था से परीक्षार्थी बेहाल
आरा में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है। भीषण गर्मी और लगातार बिजली संकट से शहर पहले से ही त्रस्त है। गर्मी बढ़ने से लोगों की तबीयत बिगड़ रही है और कई जगह फिट (बेहोशी) जैसी स्थिति पैदा हो रही है। ऐसे समय में परीक्षा केंद्रों पर बिजली और पानी की सुविधा न होना छात्रों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना।
आज कई परीक्षा केंद्रों पर बिजली तथा पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। एसबी कॉलेज में तो कई छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर आइसा की टीम पहुंची और जांच में पाया कि बिजली नहीं रहने से परीक्षार्थियों को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत के बाद कॉलेज प्रशासन ने जनरेटर चालू कराया, तब जाकर छात्रों को राहत मिली।
“शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न” — आइसा
आइसा जिलाध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं का न होना शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी परीक्षा केंद्रों पर तत्काल बिजली-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने और निरीक्षण करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो आइसा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
विकास कुमार ने राज्य सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि—
“विकास का ढोंग पीटने वाली भाजपा-जदयू सरकार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में लाइब्रेरी, लैब, मानक के अनुरूप शिक्षक-कर्मचारी की नियुक्ति तक नहीं हो पा रही। शिक्षा का बाजारीकरण, भगवाकरण और बर्बादीकरण के खिलाफ आइसा हमेशा लड़ता रहा है और छात्रों के अधिकार के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेगा।”
छात्र संगठनों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में परीक्षार्थियों की परेशानी और बढ़ सकती है।




