रिपोर्ट- रुपेश कुमार!
औरंगाबाद शहर के सदर अस्पताल में राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर शनिवार को कारण और निवारण से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार ने अपराह्न ढाई बजे बताया कि डेंगू एक वायरल बुखार है जो मच्छर के काटने से फैलता है। इसे “हड्डी-तोड़ बुखार” भी कहते हैं।
यह एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन में ही काटता है, खासकर सुबह और शाम को। जब एडीज मच्छर किसी डेंगू मरीज को काटता है तो वायरस मच्छर में आ जाता है। 8-12 दिन बाद वही मच्छर किसी स्वस्थ इंसान को काटे तो उसे भी डेंगू हो जाता है। उन्होंने बताया कि डेंगू की बीमारी एक इंसान से दूसरे में सीधा नहीं फैलता और न ही छूने, खांसने, साथ खाने से नहीं फैलता। यह बीमारी बारिश के मौसम और उसके बाद, जब साफ पानी जमा होता है। एडीज मच्छर साफ रुके हुए पानी में अंडे देता है, जैसे कूलर, गमले, टायर, छत की टंकी, फूलदान आदि में। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए घर हमेशा साफ रखें, कही भी पानी न जमने दें। डेंगू का मच्छर आपके घर में ही पैदा होता है।
बाईट सुनील कुमार चौधरी नोडल पदाधिकारी




