रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
मधुबनी जिला प्रशासन ने “नो व्हीकल डे” के संदेश को औपचारिकता नहीं स्वयं अमल मे लाते हुए इसे जन अभियान का रूप देने के लिए पहल की है। मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप जिलाधिकारी आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने समाहरणालय से पैदल चलकर अपने सरकारी आवास तक का सफर तय किया। उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी पैदल यात्रा मे भाग लिए। जिससे प्रशासन की यह पहल सार्वजनिक रूप से प्रभावी साबित हुई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि “नो व्हीकल डे” केवल पेट्रोल- डीजल बचाने का अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य संवर्धन और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि छोटी- छोटी व्यक्तिगत पहलें मिलकर बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बनती हैं। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि यदि प्रत्येक नागरिक सप्ताह में कम-से-कम एक दिन वाहन का उपयोग न करे तो इससे ईंधन की बचत के साथ- साथ ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण में भी कमी लाई जा सकती है। वहीं, जिला प्रशासन ने नागरिकों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा है कि अधिकारी पहले कदम उठाकर उदाहरण पेश कर रहे हैं, ताकि सामान्य लोग भी इसमें अभियान मे शामिल हों, अधिकारियों का मानना है कि सरकारी स्तर पर दिखाया गया यह व्यवहार समाज में ऊर्जा संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करेगा। बता दें कि यह कार्यक्रम राज्य व केन्द्र सरकारों के द्वारा दी गई अपीलों के साथ समन्वय में आयोजित किया गया। जिला प्रशासन आगामी दिनों में नागरिकों को जागरूक करने हेतु और भी सामुदायिक गतिविधियाँ एवं स्थलाकृतिक पैदल रूट कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है। जिला कार्यालय ने जनता से अनुरोध किया है कि वे सप्ताह में एक दिन वाहन का उपयोग न करके इस जनअभियान को समर्थन दें और पर्यावरण एवं ऊर्जा सुरक्षा में अपना योगदान निभाएँ।




