रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय
आरा/दानापुर मंडल के आरपीएफ वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त उदय सिंह पवार तथा रेल पटना अधीक्षक अनंत कुमार राय के निर्देशन में यात्रियों की सुरक्षा एवं अपराध नियंत्रण को लेकर रेलवे स्टेशन परिसर में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आरपीएफ आरा के निरीक्षक प्रभारी दीपक कुमार और राजकीय रेल पुलिस आरा के थानाध्यक्ष रणधीर कुमार के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में मोबाइल चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
शुक्रवार
को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त गश्ती टीम ने आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 02/03 स्थित पूर्वी फुट ओवरब्रिज के पास संदिग्ध रूप से घूम रहे एक अपचारी बालक को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से दो चोरी के स्मार्ट मोबाइल बरामद किए गए। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर भीड़भाड़ वाले इलाकों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के मोबाइल चोरी करता है।
पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि साहेबगंज (झारखंड) के तीन पहाड़ क्षेत्र का एक संगठित गिरोह बच्चों के माध्यम से मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। गिरोह के वयस्क सदस्य चोरी किए गए मोबाइल झारखंड में बेचते हैं और पिछले कई दिनों से आरा शहर में किराये के कमरे में रहकर अपराध को अंजाम दे रहे थे।
अपचारी बालक की निशानदेही पर आरपीएफ व जीआरपी की टीम ने आरा बस स्टैंड के नजदीक श्रीटोला स्थित एक किराये के कमरे में छापेमारी कर गिरोह के दो सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया। मौके से विभिन्न कंपनियों के कुल 07 चोरी के स्मार्ट मोबाइल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान
दीपक कुमार, उम्र 19 वर्ष
जतन कुमार महतो, उम्र 20 वर्ष
तथा एक अपचारी बालक — सभी निवासी ग्राम बाबूपुर, थाना तीन पहाड़, जिला साहेबगंज (झारखंड)
बरामद मोबाइलों को जब्त कर गिरफ्तार दोनों आरोपियों एवं अपचारी को आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु जीआरपी आरा को सुपुर्द कर दिया गया है।
आरपीएफ आरा तथा राजकीय रेल पुलिस ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



