रिपोर्ट- पंकज कुमार!
जहानाबाद के रहने वाले भाजपा के नेता एवं विधान पार्षद प्रमोद चंद्रवंशी के मंत्री बनने से इलाके में खुशी का माहौल है प्रमोद चंद्रवंशी का जीवन बहुत ही गरीबी से उठी है यही कारण है कि प्रमोद चंद्रवंशी को लोग जमीन से जुड़े हुए नेता मान रहे हैं मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को सम्राट सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने से जिले में सभी जगह पर हर्ष का माहौल है।जिले के काको प्रखंड के नेरथुआ मठ गांव निवासी प्रमोद चंद्रवंशी नीतीश सरकार में भी वन, पर्यावरण एवं सहकारिता मंत्री रह चुके हैं।
प्रमोद चंद्रवंशी की पहचान एक बेहद साधारण परिवार से निकलकर राजनीति की ऊंचाई तक पहुंचने वाले नेता के रूप में होती है। उनके पिता अयोध्या प्रसाद गांव में खेतीबारी कर परिवार चलाते थे।
उनके लिए सीमित संसाधनों के कारण बेटे को उच्च शिक्षा दिलाना आसान नहीं था। छात्र जीवन में ही विद्यार्थी परिषद से जुड़ने वाले प्रमोद चंद्रवंशी ने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए कई छोटे-बड़े काम किए। उन्होंने किसी काम को छोटा नहीं समझा और मन लगाकर उसे काम में आगे बढ़ते गए इस दौरान अपनी पढ़ाई भी जारी रखी
पटना के पोस्टल पार्क इलाके में रहकर उन्होंने अखबार बेचने से लेकर घर-घर जाकर सरसों तेल बेचने तक का काम किया। उसी आमदनी से अपनी पढ़ाई का खर्च निकालते थे।
वर्तमान में भी उनका तेल व्यवसाय है, जिसका संचालन अब कर्मियों के माध्यम से किया जा रहा है। गांव के लोगों के अनुसार करीब दो वर्ष पहले तक उनका घर झोपड़ीनुमा था। बाद में भाइयों के सहयोग से गांव में एक छोटा पक्का मकान बनाया गया।
उनके भाई पटना के एक गैस एजेंसी में मामूली वेतन पर नौकरी करते थे। बेहद सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर मंत्री पद तक पहुंचने वाले प्रमोद चंद्रवंशी की सफलता को लोग संघर्ष, त्याग और समर्पण का परिणाम मान रहे हैं। साथ ही साथ यह भी लोग कह रहे हैं कि भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो जमीन से जुड़े कार्य कर्ता को तरजीह देती है प्रमोद चंद्रवंशी जैसे लोगों को मंत्री बना कर भाजपा ने यह साबीत कर दिया कि वह छोटा से छोटा व्यक्ति को कार्य के आधार पर बड़े ओहधे तक पहुंचा सकती हैं



