रिपोर्ट – मिथुन कुमार सिंह!
नालंदा जिले के बिहार थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दो दिनों से लापता 18 वर्षीय युवक का शव गुरुवार को गांव के समीप गोईठवा नदी से बरामद किया गया। मृतक की पहचान रामजी चक गांव निवासी स्वर्गीय मुन्नू पासवान के पुत्र अमरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। युवक की बेरहमी से हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को नदी में फेंक दिया गया था।
शव मिलने की सूचना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई रणधीर कुमार ने बताया कि अमरेंद्र मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे घर से घूमने निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। स्थानीय दुकानदार ने बताया कि वह कोल्ड ड्रिंक लेकर गांव के पास सड़क किनारे आम के पेड़ की ओर गया था, जिसके बाद उसका कोई पता नहीं चला।
परिजनों ने पूरी रात और अगले दिन गांव, खाई और नदी में तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। गुरुवार दोपहर कुछ बच्चों ने नदी में शव होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने कपड़े, बेल्ट और पैर की उंगलियों से उसकी पहचान की।
परिजनों का आरोप है कि हत्यारों ने अमरेंद्र की पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया था। शरीर पर पेट्रोल से जलाने के निशान भी मिले हैं। मृतक के दांत टूटे हुए थे और चेहरा पूरी तरह बिगाड़ दिया गया था।
बताया जा रहा है कि अमरेंद्र अगले वर्ष 12वीं की परीक्षा देने वाला था और उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। घटना की जानकारी मिलते ही बिहार थाना अध्यक्ष सम्राट दीपक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की तैयारी की जा रही है।
बाइट:- मृतक का परिजन




